'अन्यायपूर्ण युद्ध' झेल रहा है ईरान; संयुक्त राष्ट्र में अपने अधिकारों और हितों की मजबूती से रखेंगे बात

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचने पर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय एक 'अमानवीय और अन्यायपूर्ण युद्ध' की मार झेल रहा है, जिसे अमेरिका और इजरायल ने उस पर थोपा है। जानिए यूएन में अराघची के संबोधन, पश्चिमी प्रतिबंधों और ईरान के कूटनीतिक रुख पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 22, 2026 - 12:44
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'अन्यायपूर्ण युद्ध' झेल रहा है ईरान; संयुक्त राष्ट्र में अपने अधिकारों और हितों की मजबूती से रखेंगे बात

तेहरान। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की हाई लेवल बैठक के 81वें सत्र के ल‍िए न्‍यूयार्क पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा क‍ि उनकी यात्रा का मुख्य मकसद एक अहम अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिस्सा लेना और वहां ईरानी लोगों के अधिकारों, हितों और उनके जायज पक्ष की आवाज उठाना है।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा क‍ि संयुक्त राष्ट्र दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच है। यह देशों के लिए अपना रुख दुनिया के सामने रखने का एक अहम मंच है।

आईआरएनए के अनुसार, न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बात करते हुए अराघची ने कहा क‍ि यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान एक 'अन्यायपूर्ण युद्ध' का सामना कर रहा है और हालात अब भी युद्ध जैसी स्थिति में बने हुए हैं। अराघची ने कहा कि इस साल की बैठक ईरान को अपने लोगों की तकलीफों और संघर्ष में मारे गए लोगों की स्थिति दुनिया के सामने रखने का मौका देगी। उन्होंने इनमें मिनाब के एक स्कूल में मारे गए लोगों और देश के दिवंगत नेता का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। वह ईरानी और विदेशी बुद्धिजीवियों तथा मीडिया से जुड़े लोगों से भी मुलाकात करेंगे और विभिन्न मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू देंगे। इस यात्रा के दौरान अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और ईरान के राष्ट्रीय हितों का पक्ष रखने का मौका मिलेगा।

आईआरएनए के अनुसार, इस दौरान उन्‍होंने पश्‍च‍िमी देशों की आलोचना भी की। उन्होंने इजरायल की कार्रवाई की गंभीरता से निंदा नहीं की। अराघची ने दावा किया कि एक ही घटना में 168 मासूम बच्चों को जानबूझकर मार दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा की थीम रखी गई है, "भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे", जो इस बात पर चर्चा का मौका देती है कि संयुक्त राष्ट्र पर लोगों और देशों का भरोसा क्यों कम हुआ है और इसे दोबारा कैसे कायम किया जा सकता है।

उन्‍होंने बताया क‍ि चार से पांच दिन के इस दौरे के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की बैठकों में भी हिस्सा लेगा।


इनपुट : आईएएनएस

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