बच्चे मोबाइल छोड़ें, पेरेंट्स से करें बात:

Oct 28, 2026 - 13:13
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बच्चे मोबाइल छोड़ें, पेरेंट्स से करें बात:
बच्चे मोबाइल छोड़ें

रोम, आज के डिजिटल युग में यह एक आम दृश्य बन गया है कि परिवार के लोग एक साथ बैठकर खाना तो खा रहे होते हैं, लेकिन उनका ध्यान खाने या अपनों से बात करने के बजाय मोबाइल की स्क्रीन पर होता है। इस बढ़ती समस्या पर लगाम कसने के लिए इटली के सार्डिनिया द्वीप पर एक बहुत ही दिलचस्प और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। यहाँ के 15 रेस्तरां ने मिलकर एक महीने के प्रायोगिक अभियान का आगाज किया है, जिसके तहत भोजन के दौरान फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा रही है।

क्या है इस पहल का नाम और उद्देश्य?

इस खास अभियान का नाम ‘अ तावोला सेंजा श्कर्मी’ रखा गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘बिना स्क्रीन वाली डाइनिंग टेबल’ है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों में गैजेट्स की लत को कम करना और परिवारों के बीच आपसी संवाद (आमने-सामने की बातचीत) को दोबारा जिंदा करना है। इस मुहिम की रूपरेखा सार्डिनिया की बाल एवं किशोर अधिकार संरक्षक अन्ना काउ ने ‘एफआईपीई-कॉन्फकॉमर्सियो’ के सहयोग से तैयार की है।

कैसे काम करता है यह प्रयोग?

रेस्तरां प्रशासन सिर्फ यह नहीं चाहता कि लोग केवल फोन दूर रख दें, बल्कि इसके विकल्प के रूप में ग्राहकों को ‘किट डेल रित्रोवो’ (यानी ‘फिर से जुड़ने की किट’) सौंपी जाती है। इस किट में बच्चों की उम्र के हिसाब से बोर्ड गेम्स, रंग भरने की सामग्रियां (क्रेयॉन्स) और अन्य दिलचस्प एक्टिविटीज होती हैं। जब तक ऑर्डर किया गया खाना टेबल पर आता है, तब तक बच्चे स्क्रीन देखने के बजाय इन खेलों के जरिए अपने माता-पिता के साथ कीमती समय बिताते हैं।

बड़ों के लिए भी है सबक

आयोजकों और जानकारों का मानना है कि बच्चों को तकनीक से दूर रखने की पूरी जिम्मेदारी केवल माता-पिता पर नहीं डाली जा सकती, बल्कि इसके लिए माहौल भी वैसा ही मिलना चाहिए। संघ के अध्यक्ष एमानुएले फ्रोंजिया का कहना है कि यदि माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे मोबाइल से दूर रहें, तो सबसे पहले बड़ों को खुद अपने हाथ से फोन रखकर एक मिसाल पेश करनी होगी। इसके अलावा, बाल रोग विशेषज्ञों ने भी अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में बढ़ती नींद की समस्या और सामाजिक अलगाव जैसे जोखिमों पर चिंता जताई है।

शुरुआत में इस योजना में सिर्फ 8 रेस्तरां जोड़ने की योजना थी, लेकिन लोगों और अन्य प्रतिष्ठानों की भारी दिलचस्पी को देखते हुए इसकी संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है। यह प्रयोग कैग्लियारी, अल्घेरो और ओलबिया समेत द्वीप के कई प्रमुख इलाकों में चलाया जा रहा है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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प्रियांशी सिरोही

प्रियांशी सिरोही - ( कंटेंट राइटर )

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