मिट्टी के हुनर को बनाएंगे अलबेला, सात दिन सजेगा माटीकला मेला

Oct 27, 2026 - 13:41
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मिट्टी के हुनर को बनाएंगे अलबेला, सात दिन सजेगा माटीकला मेला
माटीकला मेला

-खादी महोत्सव की सफलता के बाद एक नवंबर से शुरू होगा माटीकला मेला

-दीपावली के मद्देनजर लोकल फॉर वोकल को धार दे रही प्रदेश सरकार

-कारीगरों को मिलेंगे निःशुल्क स्टॉल, दूसरे राज्यों के कारीगरों को भी जोड़ने की तैयारी

मेरठ। मिट्टी में हुनर घोलकर खूबसूरत उत्पाद तैयार करने वाले माटीकला कारीगरों के लिए मेरठ में रोज़गार और बाज़ार का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। खादी महोत्सव में 5.35 करोड़ रुपये के कारोबार की सफलता के बाद अब प्रदेश सरकार  दीपावली के अवसर पर मेरठ में माटीकला मेला आयोजित कर रही है। एक नवंबर से लगने वाला यह मेला सात दिन तक चलेगा। लोकल फॉर वोकल को धार देने की सरकारी की मुहिम के तहत कारीगरों को उनके स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।  

दीपावली पर घर-आंगन रोशन करने वाले मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों को बाजार तक पहुंचाने के लिए माटीकला बोर्ड के द्वारा मेले का आयोजन पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में किया जाएगा। सात दिवसीय मेले में कारीगरों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराने के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है। यहां मिट्टी के दीये, बर्तन और सजावटी उत्पाद आदि के स्टॉल लगेंगे। हाल ही में दस दिन तक चले मेरठ मंडलीय खादी महोत्सव में 5 करोड़ 35 लाख रुपये का कारोबार हुआ था। इससे स्थानीय कारीगर काफी उत्साहित हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन में कारीगरों की आमदनी बढ़ाने और ‘लोकल फॉर वोकल’ को मजबूती देने की कोशिश की जा रही है। इससे स्थानीय नागरिकों को भी दीपावली के अवसर पर खरीददारी के लिए एक मंच प्राप्त हो सकेगा। 

दूसरे जिलों और राज्यों के कारीगर भी होंगे शामिल
मेले का दायरा केवल मेरठ तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है। माटीकला बोर्ड की ओर से दूसरे जिलों और राज्यों के माटीकला से जुड़े लाभार्थियों और व्यापारियों को भी आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार होने वाले पारंपरिक उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने और बेचने का मौका मिलेगा। 

हुनर को बाजार से जोड़कर बढ़ेगी आमदनी : मान्या चतुर्वेदी
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने कहा कि खादी महोत्सव में हुए कारोबार के बाद अब माटीकला उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने पर जोर है। इसी कड़ी में माटीकला मेले से पारंपरिक कारीगरों के हुनर को बाजार से जोड़ने और उनकी आमदनी बढ़ाने के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले में प्रतिभाग करने के इच्छुक माटीकला के कारीगर मोबाइल नंबर पर 9580503193 पर संपर्क कर सकते हैं।

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भूमि चौधरी

भूमि चौधरी - ( कंटेंट राइटर )

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