रामलीला मैदान रैली से व्यापार ठप, 3 लाख दुकानों पर असर

Nov 01, 2026 - 15:17
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रामलीला मैदान रैली से व्यापार ठप, 3 लाख दुकानों पर असर
रामलीला मैदान रैली से व्यापार ठप

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली का असर अब राजधानी के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। रैली के चलते मध्य दिल्ली के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घट गई है। कश्मीरी गेट से दरियागंज और चांदनी चौक तक कई बाजारों में सन्नाटा पसरा है। कारोबारियों के मुताबिक, करीब 3 लाख दुकानों का व्यापार प्रभावित हुआ है। रविवार को सामान्य दिनों में अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार राजनीतिक रैली और पुलिस की बैरिकेडिंग ने कारोबार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

5 किलोमीटर के दायरे में फैले बाजारों पर रैली का असर

रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक की महारैली के लिए बीती रात से ही कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। रविवार सुबह तक मैदान और आसपास के इलाकों में भीड़ बढ़ने लगी। इसका असर रामलीला मैदान के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले व्यापारिक क्षेत्रों पर पड़ा है।

कश्मीरी गेट, मोरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, खारी बावली, नया बाजार, सदर बाजार, अजमेरी गेट, दरियागंज, पहाड़गंज, कमला मार्केट, जामा मस्जिद, भागीरथ पैलेस, लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार, दरीबा कलां, बल्लीमारान और फतेहपुरी समेत कई प्रमुख बाजार प्रभावित बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा कनॉट प्लेस, पालिका बाजार और गफ्फार मार्केट में भी ग्राहकों की आवाजाही पर असर पड़ा है। इन बाजारों में करीब तीन लाख दुकानें हैं। रविवार को आमतौर पर यहां बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचते हैं, लेकिन रैली के चलते इस बार व्यापारियों को मायूसी हाथ लग रही है।

एशिया के सबसे बड़े कार एक्सेसरीज बाजार में कारोबार 25% तक गिरा

कश्मीरी गेट का कार एक्सेसरीज और बॉडी पार्ट्स बाजार भी रैली के असर से अछूता नहीं रहा। इसे एशिया के सबसे बड़े कार एक्सेसरीज बाजारों में गिना जाता है। यहां कारोबारियों का कहना है कि आईटीओ से कश्मीरी गेट की ओर आने वाले रास्तों पर यातायात प्रभावित होने से ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।

दुकानदारों के मुताबिक, राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान बैरिकेडिंग और मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध जैसी स्थितियों के कारण दिल्ली के बाहर से आने वाले छोटे खरीदार बाजार तक नहीं पहुंच पाते। इसका असर कारोबार पर पड़ा है और ग्राहकों की आवाजाही में 25 फीसदी से अधिक की गिरावट बताई जा रही है।

आगामी धनतेरस और त्योहारी सीजन को देखते हुए कारोबारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई दुकानदारों ने तो रविवार को अपनी दुकानें भी नहीं खोलीं।

1200 रुपये की कमाई घटकर 200-300 रुपये पर पहुंची

रैली और यातायात प्रतिबंधों का असर सिर्फ दुकानदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजारों में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी पड़ रहा है।

कश्मीरी गेट बाजार में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या घटने से काम का वॉल्यूम काफी कम हो गया है। पहले जहां उनकी रोजाना कमाई 1,000 से 1,200 रुपये तक हो जाती थी, वहीं अब यह घटकर महज 200 से 300 रुपये रह गई है।

व्यापारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो त्योहारी सीजन में भी कारोबार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राजनीतिक प्रदर्शन और व्यापारिक गतिविधियों के बीच बढ़ी चिंता

दिल्ली के प्रमुख बाजारों में कारोबारियों की चिंता अब सिर्फ एक दिन की बिक्री तक सीमित नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों, सड़क बंदी और बैरिकेडिंग से ग्राहकों का बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

रविवार जैसे व्यस्त कारोबारी दिन पर ग्राहकों की कमी ने दुकानदारों और कर्मचारियों दोनों को प्रभावित किया है। अब कारोबारियों की नजर इस बात पर है कि त्योहारी सीजन से पहले बाजारों में सामान्य आवाजाही कब बहाल होगी और व्यापार फिर से रफ्तार पकड़ पाएगा।

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भूमि चौधरी

भूमि चौधरी - ( कंटेंट राइटर )

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