यूरोप में साइबर अटैक से हड़कंप!
यूरोप, यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट्स पर बड़े साइबर हमले का मामला सामने आया है। हैकर्स ने दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर सिस्टम को निशाना बनाया, जिससे उनका तापमान अचानक बढ़ गया। हालात ऐसे हो गए कि कई स्टोर्स को खराब हो चुका खाना फेंकना पड़ा। इस हमले से स्वीडन, बेल्जियम और लक्जमबर्ग समेत कई देशों के सुपरमार्केट प्रभावित हुए हैं।
कई बड़ी कंपनियों के स्टोर बने निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साइबर हमले में कई बड़ी रिटेल कंपनियों के स्टोर प्रभावित हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
अहोल्ड डेल्हैज़, कोलरुइट, आईसीए और कूप, एक आईकिया स्टोर, बेल्जियम में 15 कैरेफोर स्टोर, आयरलैंड में 13 सुपरवैल्यू स्टोर हमले के कारण इन स्टोर्स के कूलिंग सिस्टम ने ठीक से काम करना बंद कर दिया, जिससे खाने-पीने का सामान खराब हो गया।
फ्रिज का तापमान 50 डिग्री तक पहुंचा
स्वीडन के स्टॉकहोम में एक आईसीए स्टोर की सेल्स मैनेजर एंग्ला इंगवाल के मुताबिक, हमला सोमवार रात करीब 2 बजे हुआ था।
हालांकि, स्टोर के कर्मचारियों को इसकी जानकारी कुछ घंटों बाद मिली। इस दौरान फ्रीजर का तापमान बढ़कर करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे फ्रीजर में रखा सामान खराब हो गया।आईसीए कंपनी ने भी माना है कि उसके कुछ स्टोर इस हमले से प्रभावित हुए हैं।
मीट शॉप को हुआ 16 लाख रुपये का नुकसान
इस साइबर हमले का असर सिर्फ बड़े सुपरमार्केट्स तक सीमित नहीं रहा। बेल्जियम की एक मीट शॉप के मालिक ल्यूक डी लाएट ने बताया कि सुबह करीब 3:30 बजे उन्हें फ्रीजर का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी मिली।इस वजह से उनकी दुकान में रखा करीब 15,000 यूरो यानी लगभग 16 लाख रुपये का मीट खराब हो गया।
फ्रांस में भी हुआ था ऐसा हमला
यूरोप में इस तरह का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले पिछले महीने फ्रांस में भी हैकर्स ने कई सुपरमार्केट्स के कूलिंग सिस्टम को निशाना बनाया था।उस घटना में भी बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान खराब हुआ था। लगातार हो रहे ऐसे हमलों ने यूरोप के रिटेल सेक्टर की साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर किसने किया साइबर हमला?
फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी हैकर ग्रुप ने नहीं ली है। अधिकारियों को भी अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इसके पीछे कौन है।बेल्जियम के सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी की प्रवक्ता कैट्रियन एगर्स ने कहा कि हमले के पीछे कौन है, इसका पता लगाना मुश्किल हो सकता है।उन्होंने यह भी चिंता जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐआई के बढ़ते इस्तेमाल से साइबर हमलों का खतरा और जटिल हो रहा है।साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े सुपरमार्केट्स में कई तरह के डिजिटल सिस्टम एक साथ काम करते हैं। इनमें फ्रिज-फ्रीजर, बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम और बिलिंग मशीनें शामिल हैं।अगर हैकर्स इनमें से किसी सिस्टम तक पहुंच बना लेते हैं, तो दुकानों के कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है।यूरोपीय आयोग ने इस घटना को खाद्य सप्लाई चेन को प्रभावित करने और ग्राहकों का भरोसा कमजोर करने वाला गंभीर मामला बताया है।
रूस पर भी उठ रही हैं चिंताएं
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से यूरोप में साइबर सुरक्षा को लेकर पहले ही चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में इस घटना के बाद महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।हालांकि, अभी तक रूस या किसी अन्य देश की इस हमले में भूमिका का कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। रूस भी ऐसे साइबर हमलों और हाइब्रिड युद्ध में शामिल होने के आरोपों से इनकार करता रहा है।
कुल मिलाकर, इस घटना ने दिखा दिया है कि साइबर हमले सिर्फ कंप्यूटर या बैंकिंग सिस्टम तक सीमित नहीं हैं। अब इनका असर खाने-पीने की सप्लाई और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)