एक ही साल में दूसरी बार भारत आ रहे प्रिंस एलोइस, 100 अरब डॉलर के निवेश पर नजर
एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर लिकटेंस्टाइन रियासत के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस 25 से 28 अक्टूबर 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। उनके साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी और एक उच्च-स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2026 में प्रिंस एलोइस का यह दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले वे फरवरी 2026 में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने नई दिल्ली पहुंचे थे।
पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, राष्ट्रपति मुर्मू और विदेश मंत्री से मुलाकात
यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठकें होंगी:
प्रधानमंत्री से चर्चा: पीएम मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें व्यापार, निवेश, विज्ञान, नवाचार और वैश्विक घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रपति भवन में भोज: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रिंस एलोइस के सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी।
विदेश मंत्री से बैठक: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी प्रिंस से मुलाकात कर आपसी सहयोग के मुद्दों की समीक्षा करेंगे।
टीईपीए समझौते को रफ्तार, 100 अरब डॉलर के निवेश पर नजर
दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में यह दौरा मील का पत्थर माना जा रहा है:
ईएफटीए समझौता: 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुए 'भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA)' के बाद दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते तेजी से आगे बढ़े हैं।
बड़ा निवेश लक्ष्य: टीईपीए के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें लिकटेंस्टाइन की भूमिका अहम रहने वाली है।
उन्नत तकनीक में सहयोग: मध्य यूरोप का यह देश उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग, विशेषीकृत विनिर्माण और वित्तीय सेवाओं का बड़ा केंद्र है, जिसका सीधा लाभ भारत को मिलेगा।
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