जामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का बेमियादी धरना जारी
नई दिल्ली, दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी रहा।
आंदोलन में शामिल पीएचडी छात्रा उजमा ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कैंपस में छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है, इसलिए छात्र संघ का होना बहुत जरूरी है।
हॉस्टल खाली कराने का विवाद
अचानक नोटिस: उजमा के अनुसार, बुधवार रात बेगम हजरत महल छात्रावास छात्राओं को बिना किसी पूर्व आधिकारिक नोटिस के शनिवार तक हॉस्टल खाली करने का फरमान सुनाया गया। यूनिवर्सिटी ने 12 जनवरी तक कैंपस बंद करने का फैसला लिया है। दूर-दराज (जैसे केरल, पश्चिम बंगाल, बिहार) से आईं छात्राओं और पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अचानक हॉस्टल खाली करना और ट्रेनों में आरक्षण न मिलने के कारण घर जाना बहुत मुश्किल हो गया है।छात्राओं का कहना है कि जब वे अपनी समस्या लेकर वार्डन के पास गईं, तो उन्हें निष्कासन (रेस्टिकेशन), लाठीचार्ज और मेस कमेटी से हटाने की धमकियाँ दी गईं।
छात्रों की मुख्य मांग
छात्र चाहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संघ चुनाव की तारीखों का स्पष्ट टाइमलाइन (समय-सारिणी) जारी करे, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया फिर से बहाल हो सके।
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