दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज

Oct 28, 2026 - 10:17
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दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज
दिल्ली- एनसीआर में बदला मौसम

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में मौसम का रुख बदलने लगा है। सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना ने मौसम में और बदलाव के संकेत दिए हैं। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है।

29 अक्टूबर से बारिश के आसार, गिरेगा तापमान

मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को दिल्ली में दिन की शुरुआत तुलना में साफ मौसम के साथ हो सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम तक आसमान में बादल छाने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और कम से कम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

29 अक्टूबर को मौसम में बदलाव अधिक साफ़ दिखाई दे सकता है। इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश और बादलों के प्रभाव से अधिकतम तापमान गिरकर लगभग 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि  कम से कम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

30 अक्टूबर को भी मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इस दिन अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है।

31 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है और आसमान में आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं। तापमान 28 डिग्री अधिकतम और 19 डिग्री कम से कम के आसपास रहने का अनुमान है। 

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, कई इलाकों में  वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 के पार

मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उपलब्ध प्रदूषण आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बहुत खराब स्तर तक पहुंच गया है।

दिल्ली में पटपड़गंज में  वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 दर्ज किया गया। इसके अलावा सिरीफोर्ट में 290, पूसा में 285, आरके पुरम में 284, रोहिणी में 279, ओखला फेज-2 में 272, पंजाबी बाग में 270 और शादीपुर में 258 का स्तर दर्ज किया गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के कई हिस्सों में लोगों को प्रदूषित हवा के बीच रहना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय बाहर निकलने वाले लोगों, खासकर सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति अधिक परेशानी पैदा कर सकती है।

नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक

प्रदूषण का असर नोएडा और गाजियाबाद में भी देखने को मिल रहा है। नोएडा के सेक्टर-62 में  वायु गुणवत्ता सूचकांक 314 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। सेक्टर-150 में यह 266, सेक्टर-110 में 262, सेक्टर-39 में 261 और सेक्टर-1 में 225 रहा। सेक्टर-125 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 196 दर्ज किया गया।

गाजियाबाद में वसुंधरा का  वायु गुणवत्ता सूचकांक 258, इंदिरापुरम का 217 और लोनी का 209 रहा। वहीं, संजय नगर में यह आंकड़ा 188 दर्ज किया गया। अलग-अलग इलाकों के इन आंकड़ों से पता चलता है कि एनसीआर में प्रदूषण की समस्या एक बार फिर गंभीर होती जा रही है।

बारिश से मिल सकती है राहत, लेकिन सावधानी जरूरी

बारिश होने पर हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, इसका असर मौसम की परिस्थितियों, हवा की गति और बारिश की तीव्रता पर निर्भर करेगा। केवल बारिश होने से प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत के बिना लंबे समय तक बाहर रहने और अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में शारीरिक गतिविधियां करने से बचना बेहतर है।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नजर अगले दो दिनों के मौसम पर रहेगी। बारिश से तापमान में गिरावट और प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार का पता आने वाले दिनों के आंकड़ों से ही चलेगा।

(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)

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भूमि चौधरी

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