दिल्ली-NCR में मौसम का हाल बेहाल: नोएडा का AQI 337 तक पहुंचा, गिरते तापमान से बढ़ी प्रदूषण की मार
Delhi-NCR AQI: 27 अक्टूबर तक 17 डिग्री तक लुढ़क सकता है न्यूनतम तापमान, ग्रेप का पहला चरण लागू होने के बावजूद कई इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में.
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में मौसम में बदलाव के साथ वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। न्यूनतम तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-62 में एक्यूआई 337, जबकि गाजियाबाद के वसुंधरा में 316 दर्ज किया गया है। दिल्ली के चांदनी चौक में भी एक्यूआई 306 तक पहुंच गया है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेप का पहला चरण लागू किया गया है, लेकिन कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता अब भी ‘बहुत खराब’ बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे प्रदूषण की चुनौती और बढ़ने की आशंका है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस हफ्ते न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। तापमान में यह गिरावट वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को और अधिक खराब कर रही है। हालांकि, ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का पहला चरण लागू कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, बल्कि हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। मौसम विभाग से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहने की संभावना है।
27 अक्टूबर तक 17 डिग्री तक लुढ़क सकता है न्यूनतम तापमान
वहीं 23 अक्टूबर को भी तापमान 32 डिग्री और 18 डिग्री के बीच रहेगा। 24 अक्टूबर से आसमान में आंशिक बादल छाएंगे और तापमान 33 डिग्री तक जा सकता है। लेकिन 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री तक पहुंच जाएगा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
कई इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
डीपीसीसी के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई इलाके 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में हैं। चांदनी चौक में एक्यूआई 306 दर्ज किया गया है, जो कि 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। बवाना में AQI 274, आनंद विहार में 236, अशोक विहार में 223, बुराड़ी क्रॉसिंग में 226 और आया नगर में 214 दर्ज किया गया है। बदरपुर में एक्यूआई 141 है, जो कि 'मध्यम' श्रेणी में है। राजधानी के कई हिस्सों में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 और पीएम 10 के स्तर में भारी उछाल देखा जा रहा है। ताजा आंकड़ों में पीएम10 का स्तर 281 और पीएम2.5 का स्तर 181 तक पहुंच चुका है।
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Noida में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। यहां के चारों प्रमुख सक्रिय स्टेशनों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। सेक्टर-62 में AQI 337 दर्ज किया गया है, जो कि 'बहुत खराब' से 'गंभीर' की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, सेक्टर-1 में AQI 258, सेक्टर-125 में 254 और सेक्टर-116 में AQI 239 दर्ज किया गया है। इन सभी इलाकों में हवा में जहरीले कणों की मात्रा काफी अधिक है। गाजियाबाद के सात सक्रिय स्टेशनों के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। यहां वसुंधरा में एक्यूआई 316 और इंदिरापुरम में 312 दर्ज किया गया है, जो कि 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
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संजय नगर में 295, वेव सिटी में 238, लोनी में 175 और वेद विहार-लोनी में 154 AQI दर्ज किया गया है। हालांकि, गोविंदपुरम का AQI 74 दर्ज किया गया है, जो कि 'संतोषजनक' श्रेणी में है, लेकिन बाकी इलाकों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। ग्रेप के पहले चरण के तहत उठाए गए कदमों का असर अभी जमीनी स्तर पर कितना देखने को मिलेगा यह कुछ दिनों में ही पता चलेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)
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