मेरठ के सांपकांड की आरोपी पत्नी ने फांसी की सजा को हाईकोर्ट में दी चुनौती
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था। अमरदीप भी उसके साथ काम करता था और उसका अमित के घर आना-जाना था। इसके चलते अमरदीप का अमित की पत्नी रविता से अवैध सम्बन्ध हो गया। अमित को इसकी जानकारी हो गई थी। अमरदीप और रविता अमित को अपने संबंधों में बढ़ा मानते थे और उसकी हत्या की साजिश रची।
दोनों ने एक सपेरे से 1000 रुपये में सांप खरीदा। 12 अप्रैल, 2025 की रात अमित के सोने के बाद रविता ने अमरदीप को फोन करके बुलाया। दोनों ने अमित की हत्या कर दी, फिर बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। इसके बाद अमरदीप को वहां से भगा दिया और खुद दूसरे कमरे में सोने चली गई।
सुबह जब घरवाले उठे, तो देखा कि अमित की मौत हो चुकी थी। शरीर पर सांप के डसने के निशान थे। घरवालों को लगा कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है। घरवालों ने सपेरे को बुलवाया। वह सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया। अमित के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। उसके शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान मिले। 5 दिन बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। इसमें पता चला कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।
शक के आधार पर पुलिस ने पहले रविता को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बॉयफ्रेंड का नाम बताया। फिर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। बाद में जांच में यह भी पता चला था कि जिस सांप से डसवाया गया था, वह न जहरीला था, न ही उसके दांत थे। तब से रविता मेरठ जेल में बंद हैं। प्रेमी अमरदीप जमानत पर बाहर आया था, लेकिन 7 अक्टूबर को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे फिर से जेल में बंद कर दिया गया है।
चर्चित सांपकांड में फांसी की सजा पाने वाले अमरदीप और रविता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने मेरठ की एडीजे कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए 133 पन्नों की अपील दाखिल की है। इसमें दोषसिद्धि के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उसे रद्द करने और मृत्युदंड पर रोक लगाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट में इसी सप्ताह अपील पर सुनवाई होने की संभावना है।
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