इंसाफ के लिए दिल्ली में कानून के रखवाले ही उतरे सड़कों पर
- संजय श्रीवास्तव
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद ने पकड़ा तूल। कानून के रखवालों ने ही दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर मांगा इंसाफ। दिल्ली की और गृह मंत्री अमित शाह की स्मार्ट पुलिस आज-कल भारी तनाव के दौर से गुजर रही है। नीट पेपर लीक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने से शुरू हुए आंदोलन के बाद अब दिल्ली पुलिस की बारी है। सीजेपी के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के कमर्चारियों के ज़ख्म भरे ही नहीं थे कि नया झमेला हो गया। 23, अक्टूबर की बात है कि शाहदरा थाने में वकील और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इस दौरान वकील ललित बंसल घायल हो गए।
इस मामले को लेकर वकील शाहदरा थाने में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से मिले। वकीलों को भरोसा दिलाया गया कि जो भी जांच में दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच वकीलों को खबर मिली की आरोपियों को छोड़ दिया गया है। एक बार फिर से वकील शाहदरा थाने में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार से मुलाकात की। वकीलों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके विरोध में पूरे दिल्ली के जिला अदालत के वकील हड़ताल पर चले गए।
इससे दबाव में आए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ का तबादला कर दिया। वकीलों ने तो हड़ताल समाप्त कर दी पर मनस्वी वशिष्ठ के अगुवाई में सैकड़ों पुलिस कर्मचारियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर सोमवार को प्रदर्शन कर नाराजगी का इजहार किया। सवाल इसलिए गंभीर है कि अनुशासन के डोर से बंधे कर्मचारियों को विरोध प्रदर्शन का रास्ता क्यों चुनना पड़ा।
दिल्ली पुलिस गृह मंत्री अमित शाह के अधीन आती है तो उन्हें इस बात का जवाब देने के लिए आगे आना भी चाहिए ।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)