करवा चौथ की सरगी: सिर्फ रस्म नहीं, सेहत का वरदान! जानिए क्या खाना है सही
नई दिल्ली, सुहागिनों का सबसे पावन पर्व करवा चौथ इस साल बेहद खास अंदाज में मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्योदय से पहले खाई जाने वाली 'सरगी' इस व्रत की सबसे अहम शुरुआत मानी जाती है। हालांकि, यह सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इसका बहुत बड़ा महत्व है, क्योंकि यही वह आहार है जो पूरे दिन शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।
क्या है सरगी की परंपरा और इसका महत्व?
सांस्कृतिक तौर पर यह परंपरा सास और बहू के रिश्ते के प्रेम को दर्शाती है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी की थाली देती है, जिसमें खाने-पीने की पौष्टिक चीजों के साथ-साथ सुहाग की निशानियां जैसे चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर शामिल होते हैं। चूंकि इस दिन महिलाओं को पूरा दिन बिना पानी और भोजन के रहना होता है, इसलिए व्रत शुरू करने से पहले सही और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी हो जाता है ताकि शरीर में कमजोरी न आए।
सरगी की थाली में क्या-क्या शामिल करें?
स्वस्थ विशेषज्ञ के मुताबिक, सूर्योदय से पहले खाई जाने वाली सरगी ऐसी होनी चाहिए जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और शरीर को भरपूर एनर्जी दे:
अपनी थाली में सेब, केला और अनार जैसे मौसमी फलों को जरूर जगह दें। इनमें मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर शरीर को पानी की कमी से बचाते हैं। बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे मेवे एनर्जी का बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें हेल्दी फैट्स होते हैं जो शरीर की कमजोरी को दूर रखते हैं। कई घरों में दूध के साथ फेनी या सेवईं खाने की परंपरा है। दूध से जहां शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन मिलता है, वहीं फेनी से इंस्टेंट एनर्जी मिलती है।आप चाहें तो सरगी में हल्का पराठा, दलिया या कोई अन्य पौष्टिक चीज ले सकती हैं। साबुत अनाज लंबे समय तक पेट को भरा रखने में मदद करता है।
इन जरूरी बातों का रखें विशेष ध्यान
सरगी खाते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि दिनभर प्यास का अहसास कम हो। अत्यधिक नमकीन, तली-भुनी या बहुत ज्यादा तीखी चीजें खाने से बचें, क्योंकि इससे दिन में बार-बार तेज प्यास लग सकती है।निर्जला व्रत हर किसी के लिए आसान नहीं होता। गर्भवती महिलाओं, मधुमेह (डाइबिटीज) या अन्य किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। यदि दिन में चक्कर आए या तबीयत बिगड़े, तो सेहत को प्राथमिकता देते हुए तुरंत व्रत खोल देना चाहिए।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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