18 अक्टूबर का पंचांग: मां महागौरी की उपासना से होती है सिद्धियों की प्राप्ति
नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
18 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 8:28 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 10:52 तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। रविवार को सुबह 6:28 बजे सूर्योदय और शाम 5:55 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 12:58 बजे चंद्रोदय और रात 11:50 बजे चंद्रास्त होगा।
18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को शारदीय नवरात्र का आठवां दिन है, इस दिन मां महागौरी की उपासना की जाएगी। इनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और उज्ज्वल है। मां महागौरी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए इन्हें श्वेतांबरधरा भी कहा जाता है। इनके समस्त आभूषण भी श्वेत होते हैं। मां का वाहन बैल है। महागौरी की उपासना से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है।इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे।
रविवार रात 11:55 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा। सुकर्मा योग 27 नित्य योगों में से सातवां अत्यंत शुभ और पवित्र योग माना जाता है। इस योग के देवता इंद्र हैं। इस योग में किए गए कार्यों में कोई बाधा नहीं आती और शुभ फल प्राप्त होते हैं। सुकर्मा योग में जन्मे लोग दयालु, उदार, परोपकारी, सुशील और धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। ये स्वाभिमानी, तेजस्वी, मेहनती और आशावादी होते हैं।इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। रविवार को सुबह 7:28 से 9:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा। इस दिन राहुकाल दोपहर 4:29 बजे से 5:55 बजे तक रहेगा।
रविवार को यमगंड काल दोपहर 12:12 से 1:37 बजे तक रहेगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए।इस दिन गुलिक काल दोपहर 3:03 से 4:29 बजे तक रहेगा।रविवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे।इस दिन चंद्र देव शाम 7:33 बजे तक धनु राशि में रहेंगे; इसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
रविवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है।
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