Meerut News; विजयादशमी पर मेरठ में 32 स्थानों पर होगा रावण दहन
- विजयादशमी पर डिजिटल आतिशबाजी के साथ होगा रावण दहन,
- कहीं आंखों से निकलेंगे अंगारे, कहीं चारों दिशाओं में घूमेगा सिर, छावनी में ड्रोन-लेजर शो.
नॉकआउट न्यूज संवाददाता, मेरठ। दशहरे पर 20 अक्टूबर 2026 को मेरठ जिले में 32 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। मेरठ शहर में अलग-अलग जगह दशहरा मेले की तैयारियां चल रही हैं। इस बार रावण के पुतलों के साथ आधुनिक तकनीक और आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
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जानकारी के अनुसार, दिल्ली रोड पर 120 फीट, छावनी रामलीला में 130 फीट और कसेरूखेड़ा में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। कहीं, रावण की आंखों से अंगारे निकलेंगे, तो कहीं उसका सिर चारों दिशाओं में घूमता दिखाई देगा। छावनी रामलीला में ड्रोन शो, लेजर शो और डिजिटल आतिशबाजी के जरिए रामायण के प्रसंग दिखाए जाएंगे। वहीं, तोपखाना में पहले लंका दहन होगा। इसके बाद कुंभकर्ण, मेघनाद और अंत में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर की ओर से 20 अक्टूबर को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरा मेले का आयोजन किया जाएगा। यहां 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा।
कमेटी के अनुसार, रावण की आंखों से अंगारे निकलते दिखाई देंगे। उसकी नाभि पर अग्नि प्रभाव के जरिए भगवान श्रीराम के तीर लगने का दृश्य दिखाया जाएगा। जीमखाना मैदान में बनाए जाने वाले अन्य पुतलों की ऊंचाई करीब 80 फीट रखी जाएगी।
तोपखाना में पहले होगा लंका दहन, रात 11 बजे तक जलेगा रावण
तोपखाना दशहरा कमेटी की ओर से भी रावण दहन की तैयारियां की जा रही हैं। कमेटी के पदाधिकारी के मुताबिक, यहां 55 फीट ऊंचा रावण, 50 फीट ऊंचा कुंभकर्ण और 45 फीट ऊंचा मेघनाद का पुतला बनाया जाता है। इसके अलावा छोटी लंका भी तैयार की जाती है।
कार्यक्रम में सबसे पहले लंका दहन होगा। इसके बाद कुंभकर्ण, मेघनाद और अंत में रावण का दहन किया जाएगा। पदाधिकारी ने बताया कि दहन का समय परिस्थितियों के अनुसार तय किया जाता है। इस बार मंगलवार होने के कारण दहन थोड़ा देर से कराने का प्रयास किया जाएगा। रात 11 बजे तक रावण दहन करने की तैयारी है।
पुतलों का दहन कलाकार करेंगे। कमेटी में विशेष अतिथि बुलाने के बजाय क्षेत्र के बुजुर्गों को आमंत्रित कर उनसे फीता कटवाने की परंपरा है।
आतिशबाजी भी मेले का प्रमुख आकर्षण होगी। कमेटी के अनुसार, तीनों पुतलों में करीब 100-100 पटाखे लगाए जाते हैं, जबकि लंका में करीब 75 पटाखे लगाए जाते हैं। इसके अलावा अलग से आतिशबाजी भी की जाएगी।
छावनी में ड्रोन-लेजर शो से दिखेंगे रामायण के प्रसंग
छावनी रामलीला में इस बार आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण के प्रसंग दिखाए जाएंगे। ड्रोन और लेजर शो के माध्यम से आकाश में रामायण के अलग-अलग दृश्य दिखेंगे। इसके साथ डिजिटल आतिशबाजी भी होगी।
यहां रावण का 130 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया जाएगा। इसे सात घोड़ों के रथ पर सवार दिखाया जाएगा। रावण की आंखों से अंगारे निकलेंगे। कुंभकर्ण का पुतला 120 फीट और मेघनाद का पुतला 110 फीट ऊंचा होगा। रावण के पुतले का दहन रिमोट से किया जाएगा।
कसेरूखेड़ा में चारों दिशाओं में घूमेगा रावण का सिर
Mawana रोड स्थित भगत लाइंस के पास कसेरूखेड़ा में दशहरा मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए भूमि पूजन किया गया। पंडित राजकुमार शर्मा ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। मुख्य यजमान के रूप में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, सुमित शर्मा और विकास उपाध्याय शामिल हुए।
श्री रामलीला दशहरा कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने बताया कि कसेरूखेड़ा में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। पुतले की आंखें दहकते अंगारों जैसी दिखाई देंगी और उसका सिर चारों दिशाओं में घूमेगा।
मेले में रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन भी किया जाएगा। कमेटी पुतले की खास बनावट और आतिशबाजी के जरिए आयोजन को आकर्षक बनाने की तैयारी कर रही है।
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