जम्मू-कश्मीर के बारामूला में बड़ा हादसा, रेत में दबकर 2 युवकों की मौत
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में रेत निकालने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। रफियाबाद के दचनपोरा इलाके में रेत का ढेर अचानक ढहने से दो युवक उसके नीचे दब गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बुधवार सुबह काफी मशक्कत के बाद उनके शवों को बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
देर रात हुआ हादसा, सुबह निकाले गए शव
अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना मंगलवार देर रात दचनपोरा में हुई। दोनों युवक रेत निकालने के काम में लगे थे, तभी अचानक रेत का ढेर ढह गया और वे उसके नीचे दब गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों को बाहर निकालने का मौका नहीं मिल सका।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव का प्रयास किया। बुधवार सुबह काफी मेहनत के बाद दोनों युवकों को रेत से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और शवों को निकालने में मदद की।
मृतकों की पहचान जावेद अहमद मीर और मोहम्मद अनीस मलिक के रूप में
इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान 28 वर्षीय जावेद अहमद मीर और 29 वर्षीय मोहम्मद अनीस मलिक के रूप में हुई है। दोनों दचनपोरा के निवासी थे।
एक ही गांव के दो युवकों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
रेत खनन के दौरान सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने रेत निकालने के काम में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। निर्माण कार्यों में रेत की अहम भूमिका होने के कारण जम्मू-कश्मीर में इसका खनन और संग्रहण कई लोगों की आजीविका से जुड़ा है। हालांकि, असुरक्षित तरीके से रेत निकालना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी किनारे या रेत के ढेर के आसपास काम करते समय मिट्टी और रेत के अचानक खिसकने का खतरा बना रहता है। ऐसे में खनन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करना और जोखिम वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
अवैध खनन पर नियम, पर्यावरण सुरक्षा भी अहम
जम्मू-कश्मीर में छोटे खनिजों के खनन को नियंत्रित करने के लिए जम्मू और कश्मीर गौण खनिज रियायत, भंडारण, परिवहन और अवैध खनन की रोकथाम नियमावली, 2016 लागू हैं। इनके तहत रेत, बजरी और अन्य छोटे खनिजों के खनन तथा परिवहन को नियमों के दायरे में रखा गया है।
खनन गतिविधियों के लिए संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यक अनुमतियां और पर्यावरण संबंधी मंजूरियां लेना जरूरी हो सकता है। नदी तल में अनियमित खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कार्रवाई करता रहा है।
इसी महीने एक अन्य हादसे में किशोर की गई थी जान
बारामूला जिले में रेत निकालने के दौरान दुर्घटना का यह पहला मामला नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसी महीने की शुरुआत में पट्टन इलाके के सिंगपोरा में रेत निकालते समय सिर में गंभीर चोट लगने से 17 वर्षीय एक किशोर की मौत हो गई थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे खनन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता की ओर ध्यान दिलाते हैं। दचनपोरा की घटना में दो युवकों की मौत के बाद अब पुलिस जांच के जरिए हादसे की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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