29 अक्टूबर का पंचांग

Oct 28, 2026 - 10:06
Updated: 7 days ago
0 2
29 अक्टूबर का पंचांग
Panchang

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

नक्षत्र एवं ग्रहों की स्थिति

सूर्य की स्थिति: सूर्य देव तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। (तुला राशि में सूर्य को नीचस्थ माना जाता है; स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता पवन देव और स्वामी राहु हैं)।

चंद्र देव: चंद्र देव पूरे दिन और रात वृषभ राशि में संचार करेंगे, जो कि चंद्रमा की उच्च और अत्यंत शुभ स्थिति मानी जाती है।

प्रमुख योग: गुरुवार रात 12:05 बजे तक परिघ योग रहेगा, जिसके उपरांत शिव योग का आरंभ होगा।

शुभ और कल्याणकारी मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक (दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय)।

अमृत काल: सुबह 8:17 बजे से 9:44 बजे तक (नए व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए श्रेष्ठ)।

अशुभ समय और यात्रा निषेध

राहुकाल: दोपहर 1:34 बजे से 2:58 बजे तक (नए कार्यों की शुरुआत के लिए वर्जित)।

यमगंड काल: सुबह 6:34 बजे से 7:58 बजे तक (नए कार्य, यात्रा और धन के लेन-देन से बचना चाहिए)।

गुलिक काल: सुबह 9:22 बजे से दोपहर 10:46 बजे तक (इस काल में निवेश, दान या पुराने कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन नए कार्यों से बचें)।

दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
प्रियांशी सिरोही

प्रियांशी सिरोही - ( कंटेंट राइटर )

Comments (0)

User