बालाजी मंदिर पर हमले की साजिश के बाद शिकागो के मंदिरों की सुरक्षा बढ़ी
वाशिंगटन। अमेरिका के इलिनॉय राज्य में हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के कदम उठाए हैं। शिकागो के उपनगर नेपरविले में पुलिस ने पूजा स्थलों के आसपास गश्त बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक संस्थानों को सुरक्षा संबंधी मुफ्त आकलन कराने की सुविधा देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य संभावित खतरों की पहचान करना और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
यह कदम पड़ोसी शहर ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पर हमले की कथित साजिश नाकाम किए जाने के बाद उठाया गया है। घटना के बाद स्थानीय समुदायों में चिंता बढ़ी है और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा जांच करेगी पुलिस
स्थानीय समाचार प्रसारक एनसीटीवी17 की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपरविले के पुलिस प्रमुख जेसन एरेस ने वेस्ली यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। नफरत से प्रेरित अपराधों पर केंद्रित इस संवाद में सात धार्मिक समुदायों के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पुलिस प्रमुख ने बताया कि पुलिस की एक टीम धार्मिक स्थलों का दौरा कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेगी। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, परिसर में रोशनी की व्यवस्था और आसपास की झाड़ियों की छंटाई जैसे पहलुओं की जांच की जाएगी। जरूरत के मुताबिक, सुरक्षा में सुधार के लिए मुफ्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
एरेस ने धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से पुलिस के मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। यह कोर्स सक्रिय हमलावर से जुड़ी आपात स्थितियों में नागरिकों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा संबंधी तैयारियों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संभावित खतरे की जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए। आपात स्थिति में 911 पर संपर्क किया जा सकता है।
नवरात्रि के पहले दिन मंदिर को निशाना बनाने की कथित योजना
नेपरविले में आयोजित यह कार्यक्रम 'यूनाइटेड फॉर पीस' और 'नेपरविले इंटरफेथ लीडर्स एसोसिएशन' की ओर से आयोजित किया गया था। इसका आयोजन 11 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन ऑरोरा के बालाजी मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश के सामने आने के बाद किया गया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि नफरत पर आधारित हिंसा का खतरा किसी एक धार्मिक समुदाय तक सीमित नहीं है। 'यूनाइटेड फॉर पीस' की बोर्ड सदस्य शालिनी गुप्ता के मुताबिक, कथित आरोपी के विचारों में यहूदी, अफ्रीकी अमेरिकी, भारतीय और अन्य समुदायों के प्रति नफरत झलकती थी।
नेपरविले के मेयर स्कॉट वेहरली ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऑरोरा के मंदिर से जुड़े लोगों को ऐसे व्यक्ति की कथित हिंसक योजना का सामना करना पड़ा, जिसके विचार स्थानीय समुदाय के मूल्यों के विपरीत थे। उनके अनुसार, इस घटना ने विभिन्न समुदायों को एक साथ आकर संवाद करने का अवसर दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आपसी बातचीत और सहयोग केवल किसी घटना के बाद ही नहीं, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी जारी रहना चाहिए।
स्थानीय परिवारों में डर, धार्मिक नेताओं ने सुरक्षा पर दिया जोर
मंदिर से जुड़ी घटना ने स्थानीय भारतीय-अमेरिकी परिवारों को भी चिंतित किया है। नेपरविले की निवासी सैली जोशी ने बताया कि अपने घर के पास ऐसी घटना की खबर सुनना बेहद डरावना था, क्योंकि उनका परिवार भी उस मंदिर में पूजा करने जाता है।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)
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