ठगों का मेला या लोकतंत्र बचाओ मार्च? दिल्ली से हरियाणा तक छिड़ा सियासी संग्राम!
नई दिल्ली, दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की तरफ से विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर, कथित 'वोट चोरी' और मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर एक विशाल महा-रैली का आयोजन किया गया। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस रैली को 'ठगों का मेला' करार देते हुए विपक्ष पर करारा हमला बोला है और इसके जवाब में पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों के मुद्दों को लेकर आक्रामक प्रदर्शन किया है।
रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की महा-रैली और 'चलो दिल्ली' मार्चमुख्य मुद्दे:
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), 'वोट चोरी' के आरोप और मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी सहित कई बड़े विपक्षी नेता इस 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मार्च और रैली में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस द्वारा रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया और लगभग 4,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
बीजेपी का तीखा पलटवार:
सोशल मीडिया पर रैली को बताया 'ठगों का मेला'सत्तारूढ़ दल का प्रहार: दिल्ली बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्टर जारी कर विपक्ष के इस आयोजन को 'ठगों का मेला' कहा। बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी राजनीतिक जमीन बचाने और देश-विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह व अराजकता फैलाने के लिए यह सब कर रहा है। इसके साथ ही 1984 के दंगों की बरसी का हवाला देकर भी विपक्ष को घेरा गया।
पश्चिमी दिल्ली में बीजेपी का काउंटर-प्रोटेस्ट (सिख दंगों के विरोध में मार्च)सड़कों पर उतरी बीजेपी:
विपक्ष की महारैली के जवाब में बीजेपी ने पश्चिमी दिल्ली में हरि नगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक एक बड़ा काउंटर-प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के जरिए बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ तीखा राजनीतिक रुख अपनाते हुए जनता के बीच आक्रामक विमर्श पेश किया है।
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