उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार, बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेसवे

Oct 27, 2026 - 17:21
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उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार, बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेसवे
आदित्यनाथ योगी

लखनऊ। योगी सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश, तकनीकी और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 17,542 करोड़ रुपये से चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने पर मुहर लगी। 1,709.84 करोड़ रुपये के निवेश से चार वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने और 104.28 करोड़ रुपये की लागत से राज्य साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र बनाने सहित विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।  

बैठक में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में कनेक्टिविटी, निवेश, रोजगार, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक सुविधाओं का विस्तार करना है। 

प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं पर लगभग 17,542.06 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इन्हें इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति से विकसित करेगा। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। फर्रुखाबाद, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के दो-दो पैकेजों के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी गई है। परियोजनाओं का निर्माण लगभग तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद पांच वर्ष तक इनके अनुरक्षण की व्यवस्था रहेगी। निर्माण और रखरखाव का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है। 

चारों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से लगभग 760 लाख मानव दिवस के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इन लिंक एक्सप्रेसवे से प्रदेश के पश्चिमांचल, मध्यांचल और पूर्वांचल के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे से जेवर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर रहेगा। 

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 के तहत चार कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं के माध्यम से गौतम बुद्ध नगर में कुल 1,709.84 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। स्वीकृत प्रस्तावों में हैवेल्स इंडिया लिमिटेड का 879 करोड़ रुपये, अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी का 112.84 करोड़ रुपये, मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशन्स सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड का 84 करोड़ रुपये और एलजी सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का 634 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। हैवेल्स और एलजी सॉफ्ट इंडिया की परियोजनाएं नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित हैं, जबकि अमेरिप्राइज और मेटलाइफ की इकाइयां एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में निजी भूमि पर स्थापित की जानी हैं। 

कैबिनेट ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया। इससे दोनों विभागों के कुल लगभग 1,70,366 कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, संस्कृत महाविद्यालयों तथा संबंधित संस्थानों के लगभग 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रति कर्मचारी तीन हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम के हिसाब से लगभग 14.42 करोड़ रुपये का सालाना वित्तीय व्यय अनुमानित है। 

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों, वित्तविहीन विद्यालयों और समग्र शिक्षा परियोजना के लगभग 1,22,304 कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनके लिए वार्षिक प्रीमियम पर लगभग 36.69 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय अनुमानित है। लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी अस्पतालों के साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी अंतःरोगी विभाग यानी आईपीडी में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। 

बेसिक शिक्षा विभाग की योजना का क्रियान्वयन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से कराया जाना प्रस्तावित है। उपचार की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। अब शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तक इसका विस्तार किए जाने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। 
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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रमेश कुमार

रमेश कुमार - सीनियर कंटेंट राइटर

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