विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कसा तंज
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित इंडिया गठबंधन के 'जन महाभियोग' सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाया गया है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में चले इस विशेष सत्र में 19 विपक्षी दलों के 215 से अधिक सांसद, वरिष्ठ नेता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस 'मॉक पार्लियामेंट' (प्रतीकात्मक संसद) की कार्यवाही के दौरान सर्वसम्मति से एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे गंभीर आरोप
सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय में सोची-समझी रणनीति के तहत उन मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से अनुचित तरीके से हटाए गए हैं, जिन्हें मतदान का अधिकार है। प्रस्ताव में मुख्य रूप से आरोप लगाया गया कि:
चुनाव जीतने के लिए सुनियोजित तरीके से वोट काटे गए हैं।
चुनाव आयोग संवैधानिक निष्पक्षता ताक पर रखकर काम कर रहा है।
देशद्रोह का मुकदमा चलाकर जेल भेजने की मांग
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में पारित इस जन-महाभियोग प्रस्ताव में मांग की गई कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कृत्यों से देश के लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर हमला हुआ है। सत्र में शामिल नेताओं और प्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
इस प्रतीकात्मक संसद के समापन पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने भी हिस्सा लिया और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए। विपक्ष की इस आक्रामक रणनीति ने देश की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
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