अगले महीने तमिलनाडु में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम करेंगे राहुल गांधी; युवाओं और छात्रों से करेंगे सीधा संवाद

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अगले महीने (अक्टूबर) तमिलनाडु के दौरे पर जा सकते हैं, जहां वे अपने चर्चित संवाद अभियान 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) के तहत छात्रों और युवाओं के साथ सीधा संवाद करेंगे। तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TNCC) राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। जानिए राहुल गांधी के तमिलनाडु दौरे, 'छात्रों की गूंज' अभियान और इसके राजनीतिक व सामाजिक मायनों पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 23, 2026 - 11:07
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अगले महीने तमिलनाडु में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम करेंगे राहुल गांधी; युवाओं और छात्रों से करेंगे सीधा संवाद
Rahul Gandhi Tamil Nadu Visit: To Host 'Chhatron Ki Goonj' Event Next Month

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु का दौरा करने जा रहे हैं, जहां वे युवाओं और छात्रों से जुड़े अपने राष्ट्रव्यापी संवाद अभियान 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) के तहत एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उत्तर और मध्य भारत के कई प्रमुख शहरों में सफल आयोजनों के बाद यह पहला मौका होगा जब इस अभियान का विस्तार दक्षिण भारत में किया जा रहा है।

तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TNCC) के प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में एक संगठनात्मक बैठक कर इस प्रस्तावित दौरे और छात्रों के साथ संवाद सत्र की तैयारियों की समीक्षा की है।

अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयोजन की तैयारी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम को अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है:

  • भव्य छात्र सम्मेलन: कांग्रेस संगठन चेन्नई में एक विशाल मैदान या सभागार में इस कार्यक्रम को आयोजित करने की रूपरेखा पर काम कर रहा है, जिसमें विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है।

  • तारीख और स्थल: हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक तारीख और स्थान की अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

क्या है 'छात्रों की गूंज' अभियान?

राहुल गांधी ने देश भर के कोचिंग हबों और विश्वविद्यालयी शहरों में छात्रों के सीधे संवाद के लिए इस विशेष मंच की शुरुआत की है:

  1. छात्रों की आवाज को मंच देना: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना किसी औपचारिकता के सीधे छात्रों से उनकी समस्याएं—जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, बढ़ती ट्यूशन व हॉस्टल फीस और रोजगार के घटते अवसर—सुनना है।

  2. अब तक के प्रमुख पड़ाव:

    • कोटा (राजस्थान): कोचिंग छात्रों के मानसिक तनाव और सिस्टम की कमियों पर संवाद।

    • देहरादून (उत्तराखंड): भर्ती घोटालों और पेपर लीक रैकेट के खिलाफ छात्रों की आवाज।

    • प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): प्रतियोगी छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के गतिरोध पर चर्चा।

    • पुणे (महाराष्ट्र): उच्च शिक्षा, प्लेसमेंट और बुनियादी ढांचे की समस्याओं पर युवाओं से संवाद।

    • इंदौर (मध्य प्रदेश): हाल ही में 19 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में शिक्षा बजट, हॉस्टल सुविधाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दों पर छात्रों ने अपनी बात रखी।

तमिलनाडु के छात्रों के कौन-से मुद्दे रहेंगे केंद्र में?

तमिलनाडु में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राज्य-विशिष्ट और राष्ट्रीय दोनों स्तर के मुद्दों पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है:

  • नीट (NEET) परीक्षा की चुनौतियां: तमिलनाडु में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर लंबे समय से सामाजिक न्याय और राज्य के अधिकारों से जुड़ी बहस जारी है। इस संवाद में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है।

  • शिक्षा का केंद्रीकरण बनाम राज्यों के अधिकार: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को लेकर छात्रों के विचार सामने आ सकते हैं।

  • रोजगार और तकनीकी कौशल: राज्य के इंजीनियरिंग और आर्ट्स कॉलेजों के स्नातकों के लिए आधुनिक रोजगार के अवसरों और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी राहुल गांधी छात्रों से फीडबैक ले सकते हैं।

तमिलनाडु में युवाओं के बीच राहुल गांधी की इस पहल को पार्टी के जन-संवाद और युवा जुड़ाव के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।

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