गाजा में इजरायली हमलों से क्षतिग्रस्त बहुमंजिला रिहायशी इमारत ढही; मलबे में दबने से 11 बच्चों समेत 21 फलस्तीनियों की दर्दनाक मौत

गाजा पट्टी में महीनों से जारी इजरायली सैन्य हमलों और लगातार हो रही बमबारी के बीच एक और बड़ा मानवीय हादसा सामने आया है। पहले से हुई एयरस्ट्राइक के कारण कमजोर पड़ चुकी एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 11 मासूम बच्चों समेत कम से कम 21 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जानिए गाजा में क्षतिग्रस्त इमारतों के ढहने के खतरे, राहत-बचाव अभियान और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर मानवीय स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 17, 2026 - 10:58
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गाजा में इजरायली हमलों से क्षतिग्रस्त बहुमंजिला रिहायशी इमारत ढही; मलबे में दबने से 11 बच्चों समेत 21 फलस्तीनियों की दर्दनाक मौत

गाजा। पश्चिमी गाजा शहर में एक रिहायशी इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मृतकों में 11 बच्चे और 6 महिलाएं शामिल हैं। इस हादसे में 25 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।

नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता महमूद बासल ने बताया कि 'अल-सादा' नाम की छह मंजिला इमारत बुधवार तड़के ढह गई। यह इमारत पहले इजरायली बमबारी में क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। यह इमारत निकट पूर्व में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के मुख्यालय के पास स्थित थी। इस इमारत में लगभग 100 विस्थापित लोग रह रहे थे।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बासल ने कहा कि बचाव टीमों ने 16 घंटे तक चले अभियान के दौरान 45 लोगों को सुरक्षित निकाला और 21 शव बरामद किए। उन्होंने बताया कि 35 अन्य लोग खुद ही निकलने में सफल रहे।

इमारत के मलबे के बाहर दर्जनों शोकाकुल परिजन इकट्ठा हुए। कई लोग अपने हाथों से ही मलबा हटाकर अपने प्रियजनों को खोजने की कोशिश करते दिखाई दिए। 54 वर्षीय लुआय अल-अजला ने इस हादसे में अपने परिवार के लगभग 10 लोगों को खो दिया।

फिलिस्तीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बचाव कार्यों के लिए जरूरी भारी मशीनों और उपकरणों को लाने पर इजरायल की पाबंदियों के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

गाजा में हमास की ओर से संचालित मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा कि पूरे गाजा पट्टी में 8,500 से अधिक लापता लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। बयान के अनुसार, भारी मशीनरी और बचाव उपकरणों की कमी के कारण उन्हें निकालना मुश्किल हो रहा है। कार्यालय ने हजारों क्षतिग्रस्त इमारतों को टाइम बम जैसा खतरा बताया।

महमूद बासल ने चेतावनी दी कि सर्दियों के करीब आने के साथ 2,000 से अधिक रिहायशी इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने 'बोर्ड ऑफ पीस' और युद्धविराम की गारंटी देने वाले देशों से अपील की कि बचाव उपकरणों को गाजा में आने की अनुमति दिलाई जाए।ऐसा न होने पर 'कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।'

यह इमारत ऐसे समय में गिरी है जब युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाएं जारी हैं। अक्टूबर 2025 में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद, हमास और इजरायल के बीच चल रही बातचीत में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

इनपुट : आईएएनएस

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