अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को भेजा G20 शिखर सम्मेलन का न्योता; ट्रंप से द्विपक्षीय मुलाकात की अटकलें तेज
अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में फ्लोरिडा के मियामी में आयोजित होने वाले आगामी G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पत्रकारों से बात करते हुए इसकी पुष्टि की और कहा कि वाशिंगटन उम्मीद करता है कि पुतिन यह न्योता स्वीकार करेंगे। जानिए पुतिन को मिले G20 न्योते, ट्रंप-पुतिन संभावित वार्ता और यूक्रेन युद्ध पर इसके भू-राजनीतिक प्रभाव की पूरी रिपोर्ट।
वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में फ्लोरिडा के मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने का औपचारिक न्योता भेजा है। इस कदम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय वार्ता की अटकलें तेज हो गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संवाददाताओं से पुष्टि करते हुए कहा, "हमने राष्ट्रपति पुतिन को G20 में आमंत्रित किया है। हमारा मानना है कि यह उनके लिए केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य नेताओं से भी सीधे संवाद करने का एक बड़ा अवसर है। हमें उम्मीद है कि वे इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे।"
युद्ध के बाद पहली बार पश्चिमी धरती पर पुतिन की संभावित मौजूदगी
यदि रूसी राष्ट्रपति इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं, तो फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद यह पहला मौका होगा जब पुतिन किसी पश्चिमी देश और G20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से मंच साझा करेंगे:
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2019 के बाद पहला व्यक्तिगत दौरा: रूस G20 का सदस्य है, लेकिन पुतिन ने 2019 (ओसाका) के बाद से किसी भी G20 सम्मेलन में प्रत्यक्ष रूप से शिरकत नहीं की है (2023 में उन्होंने नई दिल्ली समिट में केवल वर्चुअल सत्र को संबोधित किया था)।
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मियामी में आयोजन: यह सम्मेलन दिसंबर के मध्य में मियामी स्थित 'ट्रंप नेशनल डोरल' में आयोजित होना प्रस्तावित है।
ट्रंप की कूटनीति और संभावित शिखर वार्ता का एजेंडा
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन के इस अप्रत्याशित कदम का कूटनीतिक आधार समझाते हुए कहा:
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'समस्याओं के समाधान के लिए मिलना जरूरी': राष्ट्रपति ट्रंप का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जटिल अंतरराष्ट्रीय संकटों को हल करने के लिए उन लोगों से आमने-सामने बैठना आवश्यक है जिनसे आपके गंभीर मतभेद हैं।
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सार्थक परिणाम की उम्मीद: रुबियो ने रेखांकित किया कि ट्रंप-पुतिन बैठक केवल औपचारिकता न होकर ठोस नतीजों (Outcomes) पर आधारित होनी चाहिए, जिसके लिए दोनों पक्षों के बीच राजनयिक स्तर पर तैयारी की जरूरत होगी।
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लगातार टेलीफोनिक संपर्क: ट्रंप के दोबारा पद संभालने के बाद से दोनों नेताओं के बीच एक दर्जन से अधिक बार फोन पर बातचीत हो चुकी है, जिसमें यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर चर्चा हुई है।
यूक्रेन और सहयोगियों की प्रतिक्रिया: त्रिपक्षीय बैठक की संभावना?
इस निमंत्रण से यूरोपीय देशों और यूक्रेन में भी हलचल बढ़ गई है:
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जेलेंस्की का रुख: न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि वे युद्ध विराम और शांति बहाली के लिए ट्रंप की मौजूदगी में पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक में शामिल होने को तैयार हैं।
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सीमित युद्धविराम पर बातचीत: बताया जा रहा है कि अमेरिका, तुर्की और भारत जैसे देशों के सहयोग से ऊर्जा बुनियादी ढांचे और काला सागर में सुरक्षित खाद्यान्न नौवहन पर सीमित युद्धविराम (Limited Ceasefire) के विकल्पों पर पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।
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क्रेमलिन की प्रतिक्रिया का इंतजार: मॉस्को ने इस निमंत्रण की प्राप्ति की पुष्टि की है, लेकिन सुरक्षा और कानूनी पेचीदगियों (जैसे आईसीसी वारंट) को देखते हुए पुतिन की प्रत्यक्ष यात्रा पर अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
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