2017 से पहले छात्रों की छात्रवृत्ति के पैसे भी खा गई थी तत्कालीन सरकार : सीएम योगी

Oct 03, 2026 - 17:41
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2017 से पहले छात्रों की छात्रवृत्ति के पैसे भी खा गई थी तत्कालीन सरकार : सीएम योगी
CM Yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पूर्ववर्ती सरकार पर छात्रवृत्ति में सेंधमारी का आरोप लगाते हुए कहा कि 2016-17 में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक नहीं भेजी गई। तत्कालीन सरकार छात्रों की छात्रवृत्ति भी खा गई थी। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पिछली बकाया छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई। पहले बाबूगिरी में छात्रवृत्ति पर सेंध लगती थी, अब डीबीटी से पूरा पैसा सीधे छात्र के खाते में पहुंच रहा है।

4.60 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति और आगामी लक्ष्य

सीएम योगी ने लोकभवन सभागार में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने एक क्लिक से 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि भेजी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शुरुआत है। इस वर्ष छात्रवृत्ति का लाभ 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2017 से पहले इस मद में करीब 2,900 करोड़ रुपए खर्च होते थे। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों तक 26 जनवरी तक हर हाल में छात्रवृत्ति पहुंचाने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष आवेदन या तकनीकी त्रुटि के कारण वंचित करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था में सुधार और बदलता उत्तर प्रदेश

उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी विद्यार्थी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। पात्र छात्र तक समय से पैसा पहुंचाने के लिए धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि फिजूल खर्च न करने और उससे अच्छी किताबें खरीदकर अपना बुक बैंक तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के लिए अपना परिवार ही प्रदेश हो गया था, वे 25 करोड़ लोगों के बारे में कहां सोच पाते। इसी कारण उत्तर प्रदेश पिछड़ता गया। छात्र परेशान थे, युवा बेहाल थे और बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में थी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट था। दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था और सरेआम गुंडागर्दी होती थी। आज उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश नहीं, रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है।

सरकारी नौकरियां और बेसिक शिक्षा का सुधार

उन्होंने कहा, 'नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यूपी में है सब चंगा।' प्रदेश में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है। परीक्षाएं हो रही हैं, परिणाम आ रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट 19 से 20 प्रतिशत तक था। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई। बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है।

अटल आवासीय विद्यालय और अभ्युदय कोचिंग

उन्होंने कहा कि सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं, जिनमें 18 हजार श्रमिक और निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। आज 15 से 18 वर्ष के विद्यार्थी 2047 में देश की कामकाजी शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। विकसित भारत के निर्माण में उनकी बड़ी भूमिका होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुफ्त टैबलेट, स्कूटी और कन्या सुमंगला योजना

उन्होंने कहा कि 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य है, जिनमें 60 लाख को मिल चुके हैं। मेधावी बेटियों को अगले महीने 50 हजार स्कूटी देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटी के जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है।

मंत्रियों ने बताई योजनाओं की उपलब्धियां

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के जरिए अल्पसंख्यकों को आगे बढ़ा रही है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं पर निवेश को देश पर निवेश मानते हैं। तकनीकी खामियों से छात्रवृत्ति से छूटे विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा गया है। उन्होंने युवाओं से हुनर, अनुशासन और परिश्रम को अपनी ताकत बनाने को कहा।

पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों को सीधा लाभ

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि 4,60,559 लाभार्थियों में 2,23,615 पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी हैं। वर्ष 2025-26 में 36.75 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का संकल्प बताया। राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए ज्ञापन देना पड़ता था, अब विद्यार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल रहा है। सरकार अल्पसंख्यक युवाओं को शिक्षा और कौशल से आगे बढ़ने के अवसर दे रही है।

इनपुट : आईएएनएस

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