आर्टिलरी रेजिमेंट के 200 वर्ष पूरे होने पर फतह की 7,756 मीटर ऊंची चोटी

Oct 09, 2026 - 16:40
0 2
आर्टिलरी रेजिमेंट के 200 वर्ष पूरे होने पर फतह की 7,756 मीटर ऊंची चोटी
Artillery Regiment

नई दिल्ली। भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट के पर्वतारोहियों ने 7,756 मीटर ऊंचे माउंट कामेट पर सफल चढ़ाई की है। यह पर्वतारोहण, सेना के इन जवानों की दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और कठिन परिस्थितियों में अभियान पूरा करने की क्षमता का परिचय है। शुक्रवार को यह अभियान नई दिल्ली के संपन्न हुआ। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने यहां पहुंचने पर अभियान दल का स्वागत किया।

फिरोजपुर से दिल्ली तक सफर

पंजाब के फिरोजपुर से शुरू हुआ यह अभियान उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माउंट कामेट तक पहुंचा। इसके बाद अभियान दल नई दिल्ली लौटा, जहां सेना प्रमुख ने ध्वज ग्रहण कर अभियान के समापन की औपचारिकता पूरी की। आर्टिलरी रेजिमेंट की स्थापना के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह पर्वतारोहण अभियान शुक्रवार नई दिल्ली में पूरा हो गया। माउंट कामेट गढ़वाल स्थित हिमालय की प्रमुख पर्वत चोटियों में शामिल है। इसकी ऊंचाई 7,756 मीटर है। यह नंदा देवी के बाद गढ़वाल क्षेत्र की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। इतनी ऊंचाई पर चढ़ाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। यहां मौसम में अचानक बदलाव, कम तापमान और कम ऑक्सीजन जैसी परिस्थितियां पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती हैं।

अनुकूलन और गहन पर्वतारोहण प्रशिक्षण

अभियान दल ने पर्वतारोहण की तैयारी के लिए 21 जुलाई से 7 अगस्त तक ऊंचाई के अनुकूल ढलने का अभ्यास किया था। इसके बाद 8 से 22 अगस्त तक गोठिंग में गहन प्रशिक्षण लिया गया। इस दौरान दल ने कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में आगे बढ़ने और अभियान की चुनौतियों का सामना करने की तैयारी की। गोल्डन एरो डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने इस अभियान दल को रवाना किया था। इसके साथ ही पर्वतारोहियों की वास्तविक चढ़ाई की तैयारी शुरू हुई। दल ने सबसे पहले बेस कैंप स्थापित किया। इसके बाद यह दल अग्रिम आधार शिविर तक पहुंचा और ऊंचाई पर आगे बढ़ने पर अलग-अलग शिविर तैयार किए। यह प्रक्रिया अगस्त से सितंबर तक चली।

खराब मौसम और रणनीतिक वापसी

तीन शिविरों से होते हुए पर्वतारोही शिखर की ओर बढ़े। दल ने अग्रिम बेस कैंप से शिविर-1, शिविर-2 और शिविर-3 तक का कठिन रास्ता तय किया। यह चरण अभियान के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक था, क्योंकि प्रत्येक अगले शिविर तक पहुंचने के साथ ऊंचाई और मुश्किलें बढ़ती जाती हैं। दल ने सबसे पहले माउंट अबी गामिन के शिखर तक पहुंचने का प्रयास किया। इसके बाद माउंट कामेट पर चढ़ाई का प्रयास किया गया। हालांकि, खराब मौसम के कारण पर्वतारोहियों को 18 सितंबर को वापस शिविर-1 में लौटना पड़ा। माउंट कामेट पर चढ़ाई के दौरान मौसम ने दल की राह में बड़ी चुनौती खड़ी की। ऐसे हालात में पर्वतारोहियों ने जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों का आकलन किया और सुरक्षित तरीके से आगे की रणनीति बनाई।

21 सितंबर को शिखर फतह

दल ने दोबारा एकजुट होकर हालात की समीक्षा की और अनुकूल अवसर का इंतजार किया। दृढ़ संकल्प, धैर्य और सूझबूझ के साथ पर्वतारोहियों ने 21 सितंबर को माउंट कामेट के शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी कर ली। इस सफलता ने दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना, दल के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना किसी भी पर्वतारोहण अभियान में कितना महत्वपूर्ण है। आर्टिलरी रेजिमेंट के 200 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य केवल एक ऊंची पर्वत चोटी पर पहुंचना नहीं था।

द्विशताब्दी समारोह और अभियान समापन

इसके माध्यम से सैनिकों में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने, सामूहिक प्रयास की भावना को मजबूत करने और पेशेवर उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समापन समारोह के दौरान अभियान का ध्वज सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को सौंपा गया। इस तरह माउंट कामेट पर सफल चढ़ाई के साथ तोपखाना रेजिमेंट के द्विशताब्दी समारोह का यह महत्वपूर्ण अभियान संपन्न हुआ।

इनपुट : आईएएनएस 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User