पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर बमबारी जारी, कई इलाकों में हवाई हमले, तीन की मौत
अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में सोमवार तड़के पाकिस्तानी विमानों ने हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम तीन लोगों की जान चली गई और छह लोग घायल हो गए। इसी के साथ विवादित सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़पें भी तेज़ हो गईं, जिससे इलाके में एक बड़े टकराव की आशंका गहरा गई है।
तोलो न्यूज़ के मुताबिक, एक अफगान प्रांतीय अधिकारी ने बताया कि यह हमले कुनार के नुरगल जिले में तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच हुए। दो घरों को भारी नुकसान पहुंचा है, और मारे गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। कुनार प्रांत डूरंड लाइन के करीब स्थित है वही विवादित सीमा-रेखा, जिसे लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान दशकों से आमने-सामने हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि 29 जून के बाद यह पहला मौका है जब पाकिस्तान ने अफगान सरजमीं के भीतर हवाई हमला किया है। उस दिन पाकिस्तानी सेना ने पक्तिया, पक्तिका और कुनार में एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया था। संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन (UNAMA) के मुताबिक, उन हमलों में 28 आम नागरिकों की मौत हुई थी और 49 लोग घायल हुए थे।
सोमवार को पाकिस्तानी विमानों ने पक्तिका प्रांत में भी हमले किए। साथ ही डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सेना और तालिबान लड़ाकों के बीच सीधी गोलीबारी की खबरें भी सामने आईं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पक्तिया के स्पिन शका और पाकिस्तान के कुर्रम जिले के तर मेंगल इलाके में झड़पें हुईं। यह टकराव तब भड़का जब पाकिस्तानी सेना ने अफगान सेना के एक पुराने ठिकाने पर अपनी चौकी बनाने की कोशिश की और तालिबान ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों तरफ से तोपों का इस्तेमाल भी हुआ।
यह ताज़ा घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक पुलिस थाने पर हमले के महज दो दिन बाद यह तनाव उभरा है। इससे फरवरी में दोनों देशों के बीच देखी गई भीषण लड़ाई फिर दोहराए जाने का खतरा पैदा हो गया है। मार्च में ईद के मौके पर हुआ अस्थायी संघर्षविराम भी कोई स्थायी शांति नहीं ला सका था, और तब से रुक-रुक कर हिंसा जारी रही है।
आखिर लड़ाई की वजह क्या है?
इस्लामाबाद और काबुल के रिश्ते मुख्य रूप से पाकिस्तान के इस आरोप को लेकर बिगड़े हैं कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जो पाकिस्तान के भीतर लगातार हमले करता आया है अफगान ज़मीन पर अपने ठिकाने बनाए हुए है। पाकिस्तान बार-बार तालिबान सरकार से TTP के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है, लेकिन काबुल हर बार इन आरोपों को सिरे से खारिज करता आया है और कहता है कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाता।
दूसरा बड़ा विवाद डूरंड लाइन को लेकर है करीब 2,600 किलोमीटर लंबी यह सीमा ब्रिटिश शासन के दौर में खींची गई थी। पाकिस्तान इसे अपनी आधिकारिक सीमा मानता है, जबकि अफगानिस्तान ने आज तक इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के तौर पर मान्यता नहीं दी है।
सोमवार के हमले और सीमा पर हुई झड़पें साफ इशारा करती हैं कि डूरंड लाइन पर बनी नाज़ुक शांति एक बार फिर गहरे दबाव में है।
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