नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, अब तक 675 शव बरामद; 2498 लोग अब भी लापता, भारत ने भेजी अतिरिक्त राहत सामग्री

नेपाल में मूसलाधार बारिश, हिमनद झीलों के टूटने और विनाशकारी भूस्खलन के बाद स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। नेपाल के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, आपदा में अब तक 675 लोगों के शव मलबे और नदियों से बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2498 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और आपदा मोचन दल युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।

Aug 30, 2026 - 10:56
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नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, अब तक 675 शव बरामद; 2498 लोग अब भी लापता, भारत ने भेजी अतिरिक्त राहत सामग्री

काठमांडू। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, भूस्खलन से प्रभावित इलाकों से अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। 

नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत आने वाले पर्यटन विभाग के मुताबिक, शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे तक 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया, जिनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने शनिवार को एक आपात सूचना जारी कर विभिन्न संगठनों, संस्थानों, कंपनियों और आम नागरिकों से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री दान करने की अपील की।

भोटेकोसी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ ने प्रभावित क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।

इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बताया कि भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता की चौथी उड़ान रवाना कर दी है। यह सहायता भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के जरिए भेजी गई है, जिसमें 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री शामिल है।

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "भारत से 11 टन सहायता लेकर चौथी उड़ान अब रवाना हो चुकी है। सी-130 विमान में खोज एवं बचाव कार्यों के लिए सुरंग विशेषज्ञों की तकनीकी टीम और आवश्यक उपकरण भेजे जा रहे हैं। साथ ही डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और फोरेंसिक उपकरण भी भेजे गए हैं। इसके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी राहत सामग्री भी भेजी गई है।"

उन्होंने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे।

उनके अनुसार, इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी। अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियां और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं।

जयशंकर ने कहा, "नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों में हमारा सहयोग लगातार जारी है।"

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, बुधवार को भारतीय वायुसेना का सी-130जे हरक्यूलिस विमान भी 10 टन आपात राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा था। इस सामग्री में अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।


इनपुट : आईएएनएस

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