नेपाल में एक और हिमनद झील फटने की आशंका के बीच हाई अलर्ट जारी; भोटेकोसी नदी का जलस्तर खतरे के पार, बस्तियां खाली कराने के निर्देश

नेपाल में पहले से जारी बाढ़ और तबाही के बीच हिमालयी क्षेत्र में एक और हिमनद झील के फटने (Glacial Lake Outburst Flood - GLOF) की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। नेपाल के जलविज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग (DHM) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तिब्बत-नेपाल सीमा से सटे पर्वतीय क्षेत्रों में झील के मुहाने दरकने की सूचना के बाद सिंधुपाल्चोक और आसपास के जिलों के लिए आपातकालीन रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

Aug 30, 2026 - 10:50
0 7
नेपाल में एक और हिमनद झील फटने की आशंका के बीच हाई अलर्ट जारी; भोटेकोसी नदी का जलस्तर खतरे के पार, बस्तियां खाली कराने के निर्देश

काठमांडू। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने नई बाढ़ चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी का जलस्तर और बढ़ गया है। अथॉरिटी के अनुसार, एक और झील फटने की संभावना जताई गई है। 

अथॉरिटी ने सैटेलाइट तस्वीर के आधार पर शनिवार देर रात बताया था क‍ि रसुवागढ़ी सीमा बिंदु से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर की ओर 'ल्हेंडे खोला' नदी का प्रवाह रुक गया है। इसके कारण करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बन गई है। झील फटने से एक और खतरनाक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

अथॉरिटी ने रविवार सुबह जारी एक सूचना में कहा, "रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जिलों सहित प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी लोग, नदियों के किनारे रहने वाले नागरिक और अन्य संबंधित लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें।"

जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत आने वाले बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अनुसार, धाडिंग जिले के गल्छी क्षेत्र में, जो भोटेकोसी नदी के नीचे की ओर स्थित है, त्रिशूली नदी का जलस्तर सामान्य स्तर से तीन मीटर ऊपर पहुंच गया है।

बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को धाडिंग में बाढ़ का स्तर 14 मीटर से अधिक दर्ज किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, त्रिशूली नदी में जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण रसुवा के भोटेकोसी क्षेत्र से आया बाढ़ का पानी है।

जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "फिलहाल ज्यादा खतरा नहीं है, क्योंकि लोग पहले ही नदी किनारे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं।"

एनडीआरआरएमए लगातार इस बात को लेकर चेतावनी देता रहा है कि एक और बड़ी बाढ़ आ सकती है, क्योंकि 'ल्हेंडे खोला' नदी, जो भोटेकोसी नदी की एक सहायक नदी है, उसका प्रवाह बाधित हो गया है।

अथॉरिटी ने शनिवार देर रात जारी बयान में कहा, "27 अगस्त 2026 को सुबह 11:44 बजे ली गई सैटेलाइट तस्वीर के शुरुआती विश्लेषण के आधार पर पता चलता है कि रसुवागढ़ी सीमा बिंदु से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर की ओर ल्हेंडे खोला नदी का प्रवाह रुक गया है। इसके कारण करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बन गई है।"

बयान में कहा गया, "इस बात का खतरा बना हुआ है कि झील को रोकने वाला प्राकृतिक बांध टूट सकता है, जिससे एक और बड़ी बाढ़ आ सकती है। इसलिए नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और सभी संबंधित पक्षों से सतर्क रहने और बेहद सावधानी बरतने की अपील की जाती है।"

अथॉरिटी ने बताया कि शुरुआती आकलन से संकेत मिले हैं कि उस क्षेत्र में कुछ और झीलें भी बनी हो सकती हैं।

प्राधिकरण के अनुसार 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User