ईमेल धमकियों पर चंडीगढ़ पुलिस सख्त; स्कूलों, अस्पतालों और स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम बैठक

देश के विभिन्न शहरों के बाद चंडीगढ़ में भी स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को ईमेल के जरिए मिल रही बम की धमकियों को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। ऐसी फर्जी या संदिग्ध धमकियों से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर की अध्यक्षता में सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। जानिए चंडीगढ़ पुलिस की बैठक के मुख्य बिंदु, सुरक्षा दिशानिर्देश और आपातकालीन रिस्पॉन्स प्लान पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 23, 2026 - 11:07
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ईमेल धमकियों पर चंडीगढ़ पुलिस सख्त; स्कूलों, अस्पतालों और स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम बैठक

चंडीगढ़: देश के कई महानगरों में स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियों (Hoax Bomb Threats) के बढ़ते मामलों के बीच चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह चौकन्नी हो गई है। हालिया घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख विभागों और संस्थानों के साथ एक उच्चस्तरीय परामर्श बैठक की।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा ऐसी आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक पुख्ता, स्पष्ट और समन्वित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP - Standard Operating Procedure) तैयार करना और शहर भर के प्रमुख संस्थानों में सुरक्षा घेरे को कड़ा करना है।

शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में व्यापक मंथन

पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर ने की:

  • उपस्थित अधिकारी: बैठक में एसएसपी ऑपरेशन्स राजेश शर्मा, एसपी सिटी विजय कुमार सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता: शहर के प्रमुख निजी व सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य/प्रबंधक, बड़े अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारी, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और यूटी इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।

  • साझा रिस्पॉन्स सिस्टम: बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि धमकी मिलने की स्थिति में किसी भी तरह की अफरातफरी (Panic) से बचने के लिए पुलिस, अग्निशमन और संबंधित संस्थान के बीच रियल-टाइम तालमेल होना बेहद जरूरी है।

सुरक्षा के लिए अनिवार्य निर्देश और गाइडलाइंस

एसएसपी कंवरदीप कौर ने सभी शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं:

  1. तकनीकी सुरक्षा उपकरण (DFMD व CCTV): सभी स्कूलों और अस्पतालों के प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। परिसर के सभी संवेदनशील कोनों, प्रवेश-निकास द्वारों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो।

  2. मासिक मॉक ड्रिल (Mock Drill): सभी संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे महीने में कम से कम एक बार सुरक्षित निकासी (Evacuation) की मॉक ड्रिल आयोजित करें। इससे छात्रों, मरीजों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में बिना घबराए सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का व्यावहारिक अभ्यास रहेगा।

  3. एंट्री-एग्जिट प्रोटोकॉल: परिसरों में आने वाले आगंतुकों और वाहनों की सघन जांच की जाए और बिना पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति न दी जाए।

व्यावहारिक और समन्वित SOP की तैयारी

चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ईमेल आधारित बम धमकियों से निपटने के लिए जो नई एसओपी बनाई जा रही है, उसमें विभिन्न विभागों से मिले सुझावों और जमीनी चुनौतियों को शामिल किया जाएगा:

मुख्य बिंदु उठाए जाने वाले कदम
सूचना सत्यापन साइबर सेल द्वारा धमकी भरे ईमेल के आईपी एड्रेस और मूल स्रोत की त्वरित जांच
निकासी योजना बिना भगदड़ के चरणबद्ध तरीके से परिसर को खाली कराने की सुनियोजित प्रक्रिया
कंट्रोल रूम समन्वय पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS), डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड का संयुक्त अलर्ट सिस्टम
जन-जागरूकता कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए विशेष ब्रीफिंग

अफवाहों से दूर रहने की अपील

चंडीगढ़ पुलिस ने आम जनता, अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही घबराएं। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध ईमेल, कॉल या लावारिस वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सूचित करें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

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