भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की मजबूत नींव तैयार, अब गति बढ़ाने का समय

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की मजबूत नींव सफलतापूर्वक रखी जा चुकी है और अब इस मिशन को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का समय आ गया है। जानिए भारत के सेमीकंडक्टर मिशन की प्रगति, स्वीकृत परियोजनाओं और आगामी रणनीतियों पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 17, 2026 - 15:33
0 4
भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की मजबूत नींव तैयार, अब गति बढ़ाने का समय

नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रखी जा चुकी है और अब इस उद्योग को अगले स्तर तक ले जाने का समय आ गया है। 

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के दौरान न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "चाहे सामग्री (मटेरियल्स) हो, मशीनरी हो, नए फैब संयंत्र हों, एटीएमपी इकाइयां हों, डिजाइन हो या प्रतिभा विकास, हमारा प्रयास इन सभी को भारत में विकसित करने का है।"

उन्होंने कहा कि 'सेमीकॉन 2.0' के तहत भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग छह प्रमुख स्तंभों पर आगे बढ़ेगा।

सेमीकॉन 2.0 के छह स्तंभ हैं - डिजाइन, मशीनरी और मटेरियल्स, अधिक फैब इकाइयों की स्थापना, एटीएमपी/ओसैट उद्योग को और मजबूत करना, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) तथा प्रतिभा विकास।

अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा, "सेमीकॉन 1.0 में हमारे पास बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स थे, जो यह देख रहे थे कि चिप डिजाइनिंग कैसे की जा सकती है। इसमें हमें अच्छी सफलता मिली। 105 से अधिक स्टार्टअप्स ने इसमें भाग लिया और उनमें से लगभग 20 को करीब 800 करोड़ रुपए की वेंचर कैपिटल फंडिंग भी मिली। यह तो सिर्फ शुरुआत थी।"

इसके अलावा, इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस वर्ष का आयोजन पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक बड़ा है।

उन्होंने कहा, "करीब 40,000 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। प्रदर्शनी में 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। 52 देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हो रहे हैं और प्रदर्शनी में भाग लेने वाली 300 से अधिक कंपनियां विदेशी हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि सेमीकंडक्टर निर्माण के गंतव्य के रूप में दुनिया का भारत पर कितना भरोसा बढ़ा है।"

सरकार के अनुसार, सेमीकॉन 2.0 के तहत समर्थित परियोजनाओं की अवधि सामान्य तौर पर छह वर्ष तक होगी, जबकि यह योजना शुरुआती तौर पर तीन वर्ष तक आवेदन के लिए खुली रहेगी।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) इस योजना की नोडल एजेंसी होगी। यह आवेदन आमंत्रित करेगा, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन करेगा, चयनित आवेदकों की सिफारिश करेगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।

योजना के प्रभाव का आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन या विस्तार पर विचार करने के लिए तीन वर्ष बाद या जरूरत के अनुसार मध्यावधि समीक्षा भी की जाएगी।

इस बीच सरकार ने सेमीकॉन 2.0 योजना के सभी छह स्तंभों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। इसे भारत की सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह योजना पहले शुरू किए गए सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की उपलब्धियों को आगे बढ़ाती है और चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, उपकरण, मटेरियल्स, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा विकास सहित पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को वित्तीय और बुनियादी ढांचे का समर्थन प्रदान करेगी।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User