तमिलनाडु के 50 सरकारी आईटीआई में शुरू होंगे एआई और मशीन लर्निंग कोर्स; छात्रों को मिलेगा 'इंडस्ट्री 4.0' का हाई-टेक प्रशिक्षण

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 50 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (Government ITIs) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक ट्रेडों से आगे बढ़कर छात्रों को 'इंडस्ट्री 4.0' (चौथी औद्योगिक क्रांति) की मांग के अनुरूप तैयार करना है।

Aug 30, 2026 - 11:37
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तमिलनाडु के 50 सरकारी आईटीआई में शुरू होंगे एआई और मशीन लर्निंग कोर्स; छात्रों को मिलेगा 'इंडस्ट्री 4.0' का हाई-टेक प्रशिक्षण

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार वोकेशनल एजुकेशन को आधुनिक बनाने और छात्रों के लिए रोजगार के मौके बेहतर करने की पांच साल की योजना के तहत, 50 सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (ITI) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को नए ट्रेड के तौर पर शुरू करेगी। 

2026-27 के संशोधित बजट में घोषित इस पहल को कुल 10 करोड़ रुपये की लागत से चरणों में लागू किया जाएगा। हर साल दस सरकारी आईटीआई ये कोर्स शुरू करेंगे, जिससे पांचवें साल के आखिर तक यह प्रोग्राम 50 संस्थानों तक पहुंच जाएगा। उम्मीद है कि इस प्रोग्राम के लागू होने के दौरान लगभग 24,000 छात्रों को इन नए कोर्स से फायदा होगा।

सरकार का मानना ​​है कि यह प्रोग्राम आईटीआई छात्रों को उभरती हुई टेक्नोलॉजी की बुनियादी जानकारी और प्रैक्टिकल अनुभव देगा, जो तेजी से रोजगार बाजार को बदल रही हैं।

मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में एआई और एमएल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इनके बढ़ते इस्तेमाल से ऐसे कर्मचारियों की मांग पैदा हुई है जो ऑटोमेटेड सिस्टम, डेटा-आधारित प्रक्रियाओं और टेक्नोलॉजी-आधारित औद्योगिक कामकाज को समझते हों।

अधिकारियों ने बताया कि लेबर वेलफेयर और स्किल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के तहत काम करने वाले 'डायरेक्टरेट ऑफ एम्प्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग' ने प्रस्तावित ट्रेड के लिए पाठ्यक्रम तैयार करना शुरू कर दिया है।

डायरेक्टरेट इस प्रोग्राम को शुरू करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण, लैब, टीचिंग रिसोर्स और दूसरी सुविधाओं का भी आकलन कर रहा है। उन शुरुआती 10 सरकारी आईटीआई की पहचान करने की कोशिशें चल रही हैं, जहां मौजूदा एकेडमिक ईयर में ये कोर्स शुरू किए जा सकें। इन संस्थानों का चयन उनकी मौजूदा सुविधाओं, इंस्ट्रक्टर की उपलब्धता और संबंधित रोजगार के अवसर देने वाले उद्योगों से उनकी नजदीकी को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

विभाग कोर्स डिजाइन करने और उन्हें चलाने के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और टेक्नोलॉजी फर्मों के साथ मिलकर काम करने की योजना भी बना रहा है। इस तरह के सहयोग से यह सुनिश्चित होने की उम्मीद है कि ट्रेनिंग मौजूदा इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से हो और छात्रों को ऐसी स्किल मिलें जिनका इस्तेमाल वे काम की जगह पर कर सकें।

इंडस्ट्री की भागीदारी से प्रैक्टिकल सेशन, इंटर्नशिप, एक्सपोज़र विज़िट और टेक्नोलॉजी-बेस्ड सेक्टर में काम करने वाले प्रोफेशनल्स से गाइडेंस मिल सकती है। सरकार इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और भर्ती के तरीकों में हो रहे बदलावों को देखते हुए स्किल-डेवलपमेंट प्रोग्राम का विस्तार और अपग्रेडेशन कर रही है।

एआई और एमएल ट्रेड्स की शुरुआत से पारंपरिक आईटीआई कोर्स को बढ़ावा मिलने और स्टूडेंट्स को टेक्नोलॉजी-बेस्ड भूमिकाओं के लिए तैयार करने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि एडमिशन, कोर्स की अवधि, फैकल्टी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन से जुड़ी गाइडलाइंस को पहले बैच की क्लास शुरू होने से पहले अंतिम रूप दिया जाएगा।

इनपुट : आईएएनएस

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