15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक कारनामा; दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले बने सबसे युवा बल्लेबाज, 57 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में नया इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु में सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने मात्र 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 81 गेंदों में 92 रनों (7 चौके, 7 छक्के) की विस्फोटक पारी खेली। इसके साथ ही 15 वर्ष 175 दिन की उम्र में वह दलीप ट्रॉफी इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं।

Aug 31, 2026 - 16:49
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15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक कारनामा; दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले बने सबसे युवा बल्लेबाज, 57 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

बेंगलुरु। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को इतिहास रच दिया। वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। 

वैभव ने ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) ग्राउंड पर सेंट्रल जोन के खिलाफ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने यह अर्धशतक 15 साल और 175 दिन की उम्र में लगाया है। उन्होंने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक लगाया था। भारत के पूर्व लेग-स्पिनर पीयूष चावला इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 16 साल और 307 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।

हालांकि, वैभव अपने शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए। उन्होंने अपनी इस आतिशी पारी के दौरान 7 चौके और सात छक्के लगाए। वैभव ने इस दौरान पहले विकेट के लिए अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर 161 रनों की साझेदारी निभाई। वैभव हर्ष दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बाउंड्री पर अरशद खान को आसान सा कैच दे बैठे। पवेलियन लौटते समय वैभव के चेहरे पर शतक पूरा न कर पाने की निराशा साफतौर पर दिखाई दी।

सेमीफाइनल मैच के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी कुछ समय के लिए ईस्ट जोन की कप्तानी संभालते हुए नजर आए थे। दरअसल, मैच के दौरान ईशान किशन के हाथ में चोट लग गई थी, जिसके कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। ईशान की गैरमौजूदगी में वैभव बतौर कार्यवाहक कप्तान जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

कप्तान के तौर पर उनका छोटा सा कार्यकाल निर्णायक साबित हुआ, जब उन्होंने तेज गेंदबाज मुकेश कुमार द्वारा फेंके गए 40वें ओवर में मैदान पर दिए गए 'नॉट आउट' फैसले के खिलाफ सफलतापूर्वक रिव्यू लिया। डीआरएस तकनीक ने सेंट्रल जोन के ओपनर आर्यन जुयाल के बल्ले से गेंद के लगने (एज) की पुष्टि की, जिससे उनकी टीम को एक अहम सफलता मिली थी। पहली पारी में सेंट्रल जोन की पूरी टीम 266 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। इसके जवाब में ईस्ट जोन ने टी-ब्रेक तक 8 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 260 रन लगाए हैं।


इनपुट : आईएएनएस

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