चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात में बंद अमेरिकियों की रिहाई और एआई चिप्स पर सख्ती बरतें डोनाल्ड ट्रंप

व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली आगामी द्विपक्षीय बैठक से पहले अमेरिकी सांसदों (US Lawmakers) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बढ़ा दिया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सांसदों ने ट्रंप से दो प्रमुख मांगें मजबूती से उठाने का आग्रह किया है—पहला, चीन में वर्षों से गैरकानूनी ढंग से हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की तत्काल रिहाई और दूसरा, चीन को उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स तथा सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों तक पहुंच से पूरी तरह रोकना। जानिए ट्रंप-जिनपिंग शिखर बैठक से पहले अमेरिकी सांसदों की मांगों और तकनीकी टकराव पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 18, 2026 - 12:09
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चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात में बंद अमेरिकियों की रिहाई और एआई चिप्स पर सख्ती बरतें डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन। अगले हफ्ते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक से पहले अमेरिकी लॉ मेकर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बड़ी मांगें की हैं। लॉ मेकर्स चाहते हैं कि ट्रंप चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई सुनिश्चित करें और चीन को एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिप्स तक पहुंच से रोकें। 

यह मांग ऐसे समय में आई है जब सीनेटर रो खन्ना ने अमेरिका-चीन एआई सुरक्षा समझौते पर सुनवाई का ऐलान किया है। उनके दफ्तर ने बताया कि 23 सितंबर को होने वाली यह सुनवाई दोनों नेताओं की व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले होगी।

17 सितंबर को सीनेटर एडवर्ड मार्की और टेड बड ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें उन्होंने चीन पर अमेरिकी शिक्षाविदों को बार-बार गलत तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया। सीनेटर जॉन कर्टिस और एडम शिफ भी इस प्रस्ताव में शामिल हुए।

हाउस में प्रतिनिधि स्टीफन लिंच और जॉन मूलनार ने इसी तरह का प्रस्ताव पेश किया। सीनेटर्स ने मैसाचुसेट्स के शिक्षाविद यूलिन चेन और अमेरिकी स्कॉलर मिन ज़िन की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता देने की मांग की।

स्टीफन लिंच ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप को शी जिनपिंग के साथ अपनी आगामी बैठक में यह मांग करनी चाहिए कि चीन हर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए गए अमेरिकी को रिहा करे।"

सीनेट के प्रस्ताव में विदेश मंत्री से उनकी रिहाई के लिए बातचीत करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया है। इसमें चीन के लिए ट्रैवल एडवाइजरी को लेवल 2 से बढ़ाकर लेवल 3 करने की भी मांग की गई है, जिसका मतलब है कि अमेरिकियों को चीन यात्रा पर फिर से विचार करना चाहिए।

प्रस्ताव में ट्रैवल एडवाइजरी में गलत हिरासत के संकेतक पर विचार करने और किसी देश को गलत हिरासत का प्रायोजक घोषित करने के मानदंडों की समीक्षा करने का भी प्रस्ताव है।

अलग से सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप से चीन की सबसे एडवांस एआई चिप्स और मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों तक पहुंच को रोकने का आग्रह किया।

चक शूमर ने सीनेट में कहा, "ट्रंप की शी जिनपिंग से अगले हफ्ते मिलने से पहले उन्हें एक सीमा तय करनी चाहिए और कहना चाहिए कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की हमारी अत्याधुनिक एआई तकनीक तक पहुंच को रोकना गैर-समझौता योग्य है।"

उन्होंने कहा कि एक द्विदलीय समूह ने नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट के तहत चिप्स की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कानून पेश किया है। उन्होंने ट्रंप पर इन प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया।

चीन पर हाउस की सेलेक्ट कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट खन्ना ने एआई सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमें बुनियादी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों पर चीन के साथ तत्काल एक समझौते की जरूरत है।"

उनकी वर्चुअल सुनवाई में एआई पर इंसानी नियंत्रण खत्म होने और सिस्टम के इंसानी इरादों के खिलाफ काम करने जैसे जोखिमों की जांच होगी। गवाहों में नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन और रिटायर्ड अमेरिकी वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जैक शानहान शामिल हैं।

खन्ना ने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद ओपनएआई और एनथ्रोपिक कंपनी ने गवाही देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई है। उन्होंने चीनी कंपनियों मूनशॉट एआई, अलीबाबा और डीपसीक को भी पत्र लिखकर अमेरिकी एआई लैब के साथ बाध्यकारी समझौते की मांग की है।

प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक यूलिन चेन, जो चीनी शिक्षाविदों के साथ भूकंपीय शोध कर रहे थे, उन्हें 5 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वह 600 दिनों से अधिक समय से बिना मुकदमे और परिवार से मिले बिना हिरासत में हैं। उन पर जासूसी के आरोप लगे हैं, जिसे सांसद बेबुनियाद बता रहे हैं। उन्हें पहले 434 दिनों तक वकील भी नहीं दिया गया।

वहीं, म्यांमार-केंद्रित पॉलिसी थिंक टैंक के प्रमुख अमेरिकी नागरिक मिन ज़िन को 3 जून 2026 को कुनमिंग चांगशुई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। उन्हें युन्नान प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।


इनपुट : आईएएनएस

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