गृहयुद्ध और बाढ़ के बीच सूडान में हैजा का भीषण प्रकोप; संयुक्त राष्ट्र ने शुरू किया बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान, लाखों जीवन दांव पर

अफ्रीकी देश सूडान में सूडानी सेना (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहे खूनी गृहयुद्ध, भारी विस्थापन और विनाशकारी मानसूनी बाढ़ के बीच हैजा (Cholera) महामारी ने विकराल रूप ले लिया है। जानिए सूडान में हैजा संकट, स्वास्थ्य ढांचे के पतन और संयुक्त राष्ट्र के राहत अभियान की विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 10, 2026 - 11:34
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गृहयुद्ध और बाढ़ के बीच सूडान में हैजा का भीषण प्रकोप; संयुक्त राष्ट्र ने शुरू किया बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान, लाखों जीवन दांव पर

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहायता साझेदारों ने कहा है कि वे सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद सूडान में हैजा (कॉलेरा) से निपटने के प्रयास जारी रखे हुए हैं और जरूरतमंद लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचा रहे हैं। 

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के सहयोग से स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को उत्तरी दारफुर राज्य के ताविला क्षेत्र में 10 दिन का हैजा टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य वहां रह रहे 95,000 विस्थापित लोगों को इस बीमारी से बचाना है।

डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, जून में घोषित किए गए सूडान के हैजा प्रकोप के कारण अब तक छह राज्यों में लगभग 2900 मामले सामने आ चुके हैं और इससे जुड़ी 247 मौतें दर्ज की गई हैं।

ओसीएचए ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) और उसके सहयोगियों ने हाल ही में ताविला , अल-लैत और उम हजालीज इलाकों में 12,000 लोगों को आपातकालीन आश्रय और रोजमर्रा की जरूरी घरेलू सामग्री उपलब्ध कराई है।

रिपोर्ट में आईओएम के हवाले से कहा गया है कि पिछले सप्ताह उत्तरी दारफुर में लगभग 1,300 लोग बढ़ती असुरक्षा के कारण उम बारू इलाके के गांवों से अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो गए। यह इलाका सूडान-चाड सीमा के पास स्थित है। बताया गया है कि इनमें से कई लोग सुरक्षा की तलाश में राज्य के अन्य हिस्सों और पड़ोसी देश चाड चले गए।

आईओएम के अनुसार, दक्षिण दारफुर राज्य में मंगलवार को ड्रोन से किए गए तीन हमलों ने न्याला शहर के कई स्थानों को निशाना बनाया। वहीं ब्लू नाइल राज्य में सोमवार को बढ़ी असुरक्षा के कारण गीसान क्षेत्र के कई गांवों से 3,300 से अधिक लोग विस्थापित हो गए। यह इलाका सूडान-इथियोपिया सीमा के पास स्थित है।

ओसीएचए ने कहा कि दक्षिण और मध्य दारफुर के कुछ हिस्सों में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ रहा है। हाल के दिनों में वहां कई घातक घटनाएं भी सामने आई हैं।

कार्यालय ने एक बार फिर सभी पक्षों से अपील की कि वे आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा मानवीय सहायता संगठनों को जरूरतमंद लोगों तक तेजी से, सुरक्षित रूप से और बिना किसी रुकावट के पहुंचने दें।

इनपुट : आईएएनएस

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