Starbucks GCC in India: स्टारबक्स चेन्नई में स्थापित करेगा भारत का पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

अमेरिकी कॉफी दिग्गज स्टारबक्स (Starbucks) भारत में अपना पहला समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को चुना है। यह नया केंद्र स्टारबक्स के इन-हाउस टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और कोर ऑपरेशंस पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य बाहरी कॉन्ट्रैक्टर्स पर निर्भरता कम करके अपनी तकनीकी क्षमताओं को आंतरिक रूप से मजबूत करना है। जानिए स्टारबक्स के इस नए सेंटर, तमिलनाडु में रोजगार सृजन और राज्य के बढ़ते टेक प्रभाव पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 21, 2026 - 12:04
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Starbucks GCC in India: स्टारबक्स चेन्नई में स्थापित करेगा भारत का पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

चेन्नई: दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी श्रृंखलाओं में शामिल अमेरिकी कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) भारत में अपनी तकनीकी और परिचालन क्षमताओं को नई दिशा देने जा रही है। कंपनी देश में अपना पहला समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की तैयारी में है, जिसके लिए उसने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को चुना है।

इस रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिए तमिलनाडु सरकार और स्टारबक्स के शीर्ष नेतृत्व के बीच सचिवालय में जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

इन-हाउस टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस पर मुख्य फोकस

स्टारबक्स द्वारा भारत में यह केंद्र शुरू करने के पीछे अपनी तकनीकी और इंजीनियरिंग रीढ़ को आंतरिक रूप से सशक्त बनाना है:

  • ठेकेदारों पर निर्भरता में कमी: अब तक थर्ड-पार्टी वेंडरों और आईटी कॉन्ट्रैक्टर्स पर निर्भर रहने वाली कंपनी अब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड आर्किटेक्चर, सप्लाई चेन एनालिटिक्स और इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अपने इन-हाउस सेंटर में स्थानांतरित करेगी।

  • वैश्विक संचालन का समर्थन: चेन्नई का यह सेंटर स्टारबक्स के दुनिया भर में फैले हजारों रिटेल स्टोर्स के डिजिटल अनुभव, मोबाइल ऐप इनोवेशन और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।

  • उच्च-कुशल रोजगार के अवसर: इस केंद्र के स्थापित होने से चेन्नई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और प्रोडक्ट मैनेजर्स के लिए हजारों हाई-वैल्यू नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

बेंगलुरु-हैदराबाद को छोड़ चेन्नई की पसंद क्यों?

कॉर्पोरेट जगत में कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि स्टारबक्स का यह पहला टेक हब बेंगलुरु या हैदराबाद में खुलेगा, लेकिन चेन्नई का चयन कई अहम रणनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से हुआ है:

  1. मजबूत जीसीसी इकोसिस्टम: तमिलनाडु वर्तमान में 465 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का घर है, जिनमें से अधिकांश चेन्नई में सक्रिय हैं। हाल ही में वॉलमार्ट समर्थित 'वॉलग्रीन्स' (Walgreens) सहित कई वैश्विक दिग्गजों ने भी चेन्नई में अपने बड़े टेक हब शुरू किए हैं।

  2. आईआईटी मद्रास और स्थानीय कनेक्शन: स्टारबक्स के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) आनंद वरदराजन चेन्नई के मूल निवासी हैं और उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) से पढ़ाई की है। शहर के बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट पूल और उनकी जड़ों ने भी इस फैसले में सकारात्मक भूमिका निभाई है।

  3. स्थिर नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर: तमिलनाडु सरकार की अनुकूल जीसीसी नीति और राज्य में उपलब्ध विविध तकनीकी प्रतिभा वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर रही है।

तमिलनाडु के आर्थिक कद को बड़ा बढ़ावा

राज्य के उद्योग विभाग के अधिकारियों ने इस समझौते को तमिलनाडु की वैश्विक साख के लिए एक मील का पत्थर बताया है। अधिकारियों का मानना है कि स्टारबक्स जैसी प्रतिष्ठित फॉर्च्यून-500 ब्रांड का चेन्नई आना यह साबित करता है कि राज्य केवल ऑटोमोबाइल और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग का ही हब नहीं है, बल्कि यह उच्च-स्तरीय सॉफ्टवेयर रिसर्च और ग्लोबल टेक इनोवेशन का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है।

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