सैनिकों का जज्बा, राष्ट्रप्रेम और सेवा कभी रिटायर नहीं होता: नितिन नवीन 

Sep 10, 2026 - 17:55
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सैनिकों का जज्बा, राष्ट्रप्रेम और सेवा कभी रिटायर नहीं होता: नितिन नवीन 
Nitin Navin

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि सैनिक देश के सुख, शांति और स्वतंत्रता के आधार हैं।  

कार्यक्रम से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हल्द्वानी के बेरीपड़ाव स्थित पवित्र 'अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर' में विधिवत पूजा-अर्चना कर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया और शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

इसके उपरांत नितिन नवीन ने हल्दूचौड़ बूथ भाजपा अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, भाजपा के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कर्नल अजय कोठियाल, राम सिंह कैड़ा, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह मेहरा, कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, कैप्टन गंभीर सिंह धामी, शमशेर सिंह बिष्ट सहित अन्य नेतागण व पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

नितिन नवीन ने कहा कि सैनिकों ने इस देश के लोगों को सुख, शांति और स्वतंत्रता के साथ जीवन दिया है। मैं कार्यक्रम में उपस्थित सभी सैनिक बंधुओं को प्रणाम, अभिनंदन और नमन करता हूं। आज जब मैं उनके बीच आया हूं तो सैनिकों के जज्बे को सलाम करता हूं। जब मुझे सरहद पर जाने और उन सीमाओं को देखने का मौका मिला, जहां सैनिक भाई बिना धूप, पानी और बरसात की चिंता किए निरंतर देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं, तो मुझे लगा कि आज अगर 140 करोड़ देशवासी सुख और शांति से रहते हैं, तो इसका एकमात्र कारण वही सैनिक है, जो सरहद पर खड़ा होकर देश को सुरक्षित बनाए रखता है। 

उन्होंने आगे कहा कि सैनिकों के रिटायर होने पर 'पूर्व सैनिक' लिखा जाता है, लेकिन उनका जज्बा, खून, राष्ट्रप्रेम और हमेशा जीवंत रहने वाली जवानी कभी रिटायर नहीं हो सकती। वे हमेशा देश की सेवा में लगे रहते हैं। आज सुबह मैंने हल्द्वानी की ऐतिहासिक धरा पर आकर मां काली चौड़ के पावन चरणों में शीश झुकाया। मैं मां नैना देवी के जागृत शक्तिपीठ, सिद्ध कैंची धाम के नीम करौली बाबा और घोड़ाखाल में विराजते कुमाऊं के न्याय के देवता गोलू देवता की पवित्र भूमि को नमन करता हूं। जिस भूमि की रक्षा स्वयं देव करते हों और जो वीरों के बलिदान से पवित्र हुई हो, वहां कोई अन्याय नहीं हो सकता और गोलू देवता के आशीर्वाद से उत्तराखंड और भारत हमेशा आगे बढ़ेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य 'पराक्रमो विजयते' (पराक्रम ही विजयी होता है) का जिक्र करते हुए कहा कि यह हर सैनिक को ऊर्जा देने का काम करता है। मैं 1962 के रेजांग ला में 13 कुमाऊं के मेजर शैतान सिंह और जवानों के आखिरी गोली और आखिरी सांस तक लड़ने तथा एक इंच भी पीछे न हटने के पराक्रम को नमन करता हूं। इस देश की मिट्टी ने ऐसे यशस्वी सैनिक पैदा किए हैं। 1967 में घोड़ाखाल में खोले गए सैनिक स्कूल से 800 से अधिक छात्र सैनिक अफसर बनकर निकले हैं और इसी भूमि ने भारत को पहला सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी दिया है। 

उन्होंने आगे कहा कि आज मैं मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सैनिक परिवार के बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उत्तराखंड को 'चार धाम' के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'पंचम धाम' (वीर सैनिकों की भूमि) की संज्ञा देना बहुत ही अभिनंदन योग्य है।

नितिन नवीन ने कहा कि 2011 में जब मैं भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री था और राष्ट्रीय एकता यात्रा के सिलसिले में कश्मीर के लाल चौक गया था तो वहां पाकिस्तान का झंडा फहराता देख मेरा सिर शर्म से झुक गया था। परंतु 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सोच में परिवर्तन आया और आज लाल चौक पर लहराता तिरंगा हर भारतवासी और सैनिक को गर्व और ऊर्जा देता है। 

उन्होंने कहा कि मैंने 2012 में तवांग की 'शहीद श्रद्धांजलि यात्रा' के दौरान बोमला सीमा पर कच्ची सड़कों की स्थिति देखी थी। उस समय फौजियों और स्थानीय लोगों ने मुझे बताया था कि तत्कालीन सरकार को भय था कि सड़क बनाने से चीन कहीं 1962 की तरह दोबारा सीमाओं तक न पहुंच जाए, लेकिन 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद 2017 तक भारत की सीमाओं तक पक्की सड़कें बन गईं, जो नेतृत्व की सोच में बदलाव और सैनिकों का मनोबल ऊंचा उठाने को दर्शाता है। 

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन इसी देवभूमि और वीरभूमि में बसता है और वे दिवाली-होली सैनिकों के बीच जाकर मनाते हैं। उन्होंने सीमांत गांवों को 'अंतिम गांव' की जगह 'प्रथम गांव' मानने की सोच में बदलाव की चर्चा की और 46 वर्षों से लंबित 'वन रैंक वन पेंशन' को 7 नवंबर 2015 को लागू करने का कार्य किया।

नवीन ने कहा कि मैं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सैनिक परिवारों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए उनका अभिनंदन करता हूं। पूर्ववर्ती सरकारों के समय परमाणु शक्ति बनने या रक्षा बजट बढ़ाने में झिझक थी, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को परमाणु शक्ति बनाया। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात में आत्मनिर्भर हो रहा है, जहां सर्वाधिक 1.78 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हुआ है और रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपए तक पहुंचा है। 

उन्होंने आगे कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, 'चार धाम ऑल वेदर रोड', दिल्ली में बने 'राष्ट्रीय युद्ध स्मारक' में 25,942 सैनिकों के नाम अंकित होना और देहरादून में बन रहे 'सैन्य धाम' तथा 1,845 वीर शहीदों की मूर्तियां उनके गांवों में लगाने के राज्य सरकार के फैसले सराहनीय हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सैनिक परिवार के युवाओं को तो सरहद की अनुभूति होती रहती है, क्योंकि वे उसी सैनिक परिवार में जन्मे हैं, लेकिन देश में जो युवा रहते हैं, उन्हें भी कभी-कभी सरहद पर जाकर देखना चाहिए कि हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाला व्यक्ति किस परिस्थिति में खड़ा रहता है। 

उन्होंने आगे कहा कि जब मैं उस समय की चर्चा कर रहा था, तो मेरे अंदर यह भाव आया कि आने वाले समय में भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भी 'सरहद का दर्शन' करने की कोई योजना बने, ताकि हमारी युवा पीढ़ी सरहद पर जाकर केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों की भावनाओं और सरहद के महत्व को भी समझ सके। मैं प्रयास करूंगा कि आने वाले समय में हमारी शिक्षा व्यवस्था में 'सरहद का दर्शन' कार्यक्रम भी बने, ताकि हमारी युवा पीढ़ी उससे जुड़ सके।

इनपुट : आईएएनएस

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