राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर, राष्ट्रपति को इसमें न घसीटें : रविशंकर प्रसाद

Oct 10, 2026 - 12:46
Updated: 3 days ago
0 3
राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर, राष्ट्रपति को इसमें न घसीटें : रविशंकर प्रसाद
Rahul Gandhi

नई दिल्ली । भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद दिए गए बयानों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया और लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर उनके व्यवहार पर सवाल उठाए। 

रविशंकर रविशंकर प्रसाद: राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राहुल गांधी झूठ बोलते हैं। वह झूठ बोलने में माहिर हैं। कृपया राष्ट्रपति को इसमें न घसीटें। यह अनुचित है और पार्टी ने साफ तौर पर इसका खंडन किया है। ऐसी कोई बात नहीं थी। वे 'वोट चोरी' का शोर मचाते रहते हैं, फिर भी देखिए वे कितनी बुरी तरह हारे।

 ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के उपचुनावों में बुरी तरह हारीं, यहां तक ​​कि मुर्शिदाबाद में भी, जहां 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, और वे असम में भी एक लोकसभा सीट हार गए।"उन्होंने आगे कहा, "लोग उन्हें वोट नहीं देंगे, फिर भी वे शोर मचाते रहते हैं।

 मेरे पास उनके लिए एक सुझाव है, दिल्ली की सड़कों पर बैठकर आप जैसा व्यवहार करते हैं, वह विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता।"उनके ये बयान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात के बाद आए। इस मुलाकात में उन्होंने चुनावी प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया

मुलाकात के बाद, विपक्ष के नेता गांधी ने कहा कि वह "हैरान" थे कि "उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया," हालांकि उन्होंने सबूत जरूर मांगे। उन्होंने कहा, "हमारे पास इस बात के सभी सबूत हैं कि चुनाव कैसे चुराए गए। पूरे देश ने इसे देखा है।

"राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। विपक्ष के नेता गांधी ने यह भी घोषणा की कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, "हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपेंगे।" मुलाकात से पहले, गांधी ने विपक्षी सांसदों और पार्टी नेताओं के एक समूह के साथ संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च का नेतृत्व किया। इसके बाद, एक छोटे प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

सभी 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की भी मांग की

विपक्ष की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में चार मुख्य मांगें रखी गईं। इनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और 2023 के उस कानून को रद्द करना शामिल था, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा (इम्युनिटी) देता है।विपक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने और वोटर लिस्ट से कथित तौर पर हटाए गए सभी 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की भी मांग की। एक और मांग सभी चुनावों में पेपर बैलेट व्यवस्था को फिर से लागू करने की थी।

 प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की भी मांग की, जिनमें 'वोट चोरी' के ठोस सबूत पेश किए गए हैं।'इंडिया' ब्लॉक ने बार-बार चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

इनपुट : आईएएनएस 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User