पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच हैदराबाद हाउस में अहम बैठक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया और इसके बाद द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई।
बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, मोबिलिटी और लोगों के बीच संपर्क तक विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।
ईएफटीए समझौते की पहली वर्षगांठ
राष्ट्रपति परमेलिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) को लागू हुए एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। स्विस राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा को इस समझौते की पहली वर्षगांठ के संदर्भ में दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को आगे बढ़ाने का अवसर बताया है।
साझा मूल्यों पर आधारित मजबूत रिश्ते
राष्ट्रपति परमेलिन ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा इस बात को रेखांकित करने का एक शानदार अवसर है कि स्विट्जरलैंड और भारत दोनों ही अपने संबंधों को कितना महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। परमेलिन ने कहा कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों की करीबी, व्यापक और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्विस राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस यात्रा के दौरान उन्हें द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने खास तौर पर भारत-ईएफटीए टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ का जिक्र किया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी हुई मुलाकात
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति परमेलिन से मुलाकात की। जयशंकर ने दोनों देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करने की उनकी भावना की सराहना की और भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक से विभिन्न क्षेत्रों में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को और गति मिलेगी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात कर खुशी हुई, जो राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। भारत-ईएफटीए टीईपीए की संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए हमारी साझेदारी को गहरा करने के राष्ट्रपति पार्मेलिन के विचारों की गहराई से सराहना करता हूं।"
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रपति परमेलिन और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से दोनों देशों के बीच व्यापक क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ेगा।
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत
राष्ट्रपति परमेलिन का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
परमेलिन प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार को भारत पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जबकि इस साल भारत का उनका यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने भारत आए थे।
व्यापार और निवेश पर मुख्य फोकस
इस यात्रा में उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। यात्रा का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और मोबिलिटी सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।
राष्ट्रपति परमेलिन अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।
ईएफटीए में भारत का सबसे बड़ा साझेदार
विदेश मंत्रालय ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा है कि नियमित उच्चस्तरीय संपर्कों ने दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मंत्रालय के अनुसार, ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। ऐसे में परमेलिन की यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के साथ-साथ विज्ञान, तकनीक, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और स्विट्जरलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी तथा दोनों देशों के साझा हित वाले नए क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी।
इनपुट : आईएएनएस
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