जयशंकर-लावरोव मुलाकात, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर
संयुक्त राष्ट्र। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने अपनी 'विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी' को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। इसकी जानकारी खुद रूस के विदेश मंत्रालय ने दी।
रूस बोला — UN, G20 और ब्रिक्स में बना रहेगा तालमेल
शुक्रवार को हुई इस बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दोनों पक्षों ने रूस-भारत की विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र, जी-20 तथा ब्रिक्स में करीबी तालमेल बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।"
जयशंकर ने भी 'एक्स' पर इस बैठक की जानकारी साझा की और बताया कि दोनों नेताओं ने कई मौजूदा मुद्दों पर विचार साझा किए। साथ ही उन्होंने भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स के तहत सहयोग की स्थिति की भी समीक्षा की।
कुछ ही हफ्तों में दूसरी बार हुई मुलाकात
गौरतलब है कि लावरोव इसी महीने की शुरुआत में ब्रिक्स समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत आए थे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को दिसंबर में होने वाले जी-20 समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
पिछले महीने के आखिर में किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान भी पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात की थी, जहां उन्होंने मानवता के नाम पर यूक्रेन युद्ध खत्म करने की मजबूती से अपील की थी।
इससे पहले यूक्रेनी विदेश मंत्री से भी मिले जयशंकर
इससे पहले सोमवार को जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की थी। बैठक के बाद जयशंकर ने X पर कहा था कि उनकी बातचीत में 'पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम' पर ध्यान दिया गया, वहीं सिबिहा ने कुछ ज्यादा स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी बातचीत में 'शांति की कोशिशों' पर चर्चा हुई।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि जयशंकर हों या रूसी विदेश मंत्रालय, दोनों में से किसी ने भी लावरोव के साथ बैठक की जानकारी में यूक्रेन युद्ध का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया। जयशंकर ने बस इतना कहा कि दोनों नेताओं ने 'कई मौजूदा मुद्दों' पर बातचीत की।
कई वैश्विक मुद्दों पर एक सुर में रहे हैं भारत-रूस
भारत और रूस संस्थापक सदस्यों के तौर पर कई वैश्विक मुद्दों पर अपने रुख में तालमेल करते रहे हैं। इनमें दुनिया की वित्तीय संस्थाओं में सुधार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और साफ ऊर्जा की ओर बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।
UNGA के दौरान भारत की तेज कूटनीतिक सक्रियता
यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान भारत की तेज कूटनीतिक गतिविधियों को भी दिखाती है। जयशंकर UNGA के दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों और अन्य नेताओं के साथ लगातार द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने, और ग्लोबल साउथ की आवाज के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करने जैसे मुद्दों पर ध्यान रहने की उम्मीद है।
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