फिजी में HIV बना राष्ट्रीय संकट, हर 60 में से एक वयस्क संक्रमित — पांच साल में मामले लगभग तिगुने
प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीपीय देश फिजी ने HIV को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट घोषित कर दिया है। सरकार का कहना है कि बीते पांच वर्षों में देश में HIV संक्रमण की दर लगभग तीन गुना बढ़ गई है, और अब इससे निपटने के लिए "पूरी सरकार" स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
फिजी सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया कि 2025 में देश में HIV के 2,016 नए मामले दर्ज हुए — यह आंकड़ा 2019 के मुकाबले 16 गुना ज्यादा है। चिंता की बात यह है कि संक्रमण अब सिर्फ हाई-रिस्क माने जाने वाले समूहों — जैसे नशे का इंजेक्शन लगाने वालों या सेक्स वर्कर्स — तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम आबादी में भी फैलने लगा है।
करीब 9 लाख की आबादी वाले इस देश में सरकार के मुताबिक अब हर 60 में से एक वयस्क HIV पॉजिटिव है, जबकि पांच साल पहले यह आंकड़ा हर 167 में एक था। गर्भवती महिलाओं में भी हर 100 में दो महिलाएं संक्रमित पाई गई हैं। 2025 में 59 बच्चे HIV के साथ पैदा हुए, जिनमें से 18 की एक साल की उम्र से पहले ही मौत हो गई।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि टेस्टिंग का दायरा बढ़ने की वजह से भी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जो पहले शायद पकड़ में ही नहीं आते थे — खासकर पिछले करीब एक दशक में निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ने के बाद।
स्वास्थ्य मंत्री रातू एटोनियो लालाबालावु समेत पांच कैबिनेट मंत्रियों की एक उप-समिति बनाई गई है, जो तेजी से कार्रवाई की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने का काम देखेगी। राजधानी सुवा स्थित सरकार ने मुफ्त और तुरंत होने वाली जांच, हाई-रिस्क लोगों के लिए बचाव की दवाएं, नशा करने वालों के लिए हार्म-रिडक्शन उपाय और संक्रमितों के लिए मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं बढ़ाने की बात कही है। सरकार ने आश्वासन दिया कि देशभर में जांच मुफ्त और गोपनीय रहेगी।फिजी को इस मुहिम में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत, ग्लोबल फंड और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी मदद मिल रही है।
UNAIDS ने किया फैसले का स्वागत, कहा — आधे से भी कम मरीजों को पता है अपनी स्थिति
जिनेवा स्थित संस्था UNAIDS ने फिजी के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे "समय पर उठाया गया जरूरी कदम" बताया। संस्था की प्रमुख विनी ब्यानीमा ने कहा कि यह दुनिया के लिए भी एक चेतावनी है कि एड्स अभी खत्म नहीं हुआ है, और हालात कभी भी तेजी से बदल सकते हैं।
UNAIDS के मुताबिक फिजी में जिन मामलों में संक्रमण का कारण पता चल सका, उनमें आधे से ज्यादा यौन संबंधों से जुड़े थे और लगभग 42% इंजेक्शन से नशा लेने की वजह से फैले। संस्था का अनुमान है कि 2010 से 2025 के बीच नए मामलों में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। 2025 में अनुमानित 9,100 संक्रमितों में से सिर्फ 39% को अपनी स्थिति की जानकारी थी और केवल 22% को ही इलाज मिल पा रहा था।
हालांकि विशेषज्ञों ने भरोसा जताया कि मौजूदा दौर की बेहतर दवाओं की मदद से हालात अभी भी सुधारे जा सकते हैं। UNAIDS के एमन मर्फी ने कहा, "यह घोषणा डर फैलाने के लिए नहीं, बल्कि कार्रवाई के लिए है। सामान्य संपर्क से HIV नहीं फैलता, और सही इलाज ले रहे मरीज इसे आगे नहीं फैलाते।"
संस्था की फिजी प्रमुख रेनाटा राम के अनुसार, 2019 के आसपास सेक्स वर्कर समुदाय में एक बेहद हाई-रिस्क इंजेक्शन-ड्रग यूजर समूह उभरने के बाद से ही संक्रमण दर तेजी से बढ़नी शुरू हुई थी। दरअसल प्रशांत द्वीप समूह के देश लैटिन अमेरिका और एशिया से ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड जाने वाले ड्रग तस्करी के रास्ते बनते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर भी नशे की समस्या बढ़ी है।
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