गुजरात: 15,000 सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्

Oct 05, 2026 - 16:43
0 2
गुजरात: 15,000 सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्
Rooftop solar systems

गांधीनगर। गुजरात प्रशासन 2026-27 के दौरान 15,000 और सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है। इस विस्तार से राज्य की मौजूदा रूफटॉप सोलर क्षमता में लगभग 65 मेगावाट की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे इस प्रोग्राम की कुल क्षमता 160 मेगावाट से ज्यादा हो जाएगी। यह घोषणा तब की गई है जब इस साल मार्च तक गुजरात में 6,014 सरकारी इमारतों में ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिनकी कुल क्षमता 95 मेगावाट है।

प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य

2011-12 से क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट के तहत गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा लागू किए जा रहे इस प्रोग्राम का मकसद रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाना और पारंपरिक बिजली पर सरकारी खर्च को कम करना है। क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि 2025-26 के दौरान, 1,377 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिससे 17.1 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जुड़ी। इस विस्तार के साथ मार्च 2026 तक रूफटॉप सोलर सिस्टम वाली सरकारी इमारतों की कुल संख्या 6,014 हो गई, जिससे इस पहल के तहत कुल इंस्टॉल्ड क्षमता 95 मेगावाट तक पहुंच गई।

बजट और फंड का आवंटन

राज्य ने 2026-27 में इस प्रोग्राम के लिए 314 करोड़ रुपए तय किए हैं। इसमें से 278 करोड़ रुपए सामान्य सरकारी इमारतों के लिए, 3 करोड़ रुपए सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट के तहत आने वाली इमारतों के लिए और 33 करोड़ रुपए ट्राइबल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट द्वारा मैनेज की जाने वाली इमारतों के लिए आवंटित किए गए हैं।

अब तक का सबसे बड़ा विस्तार अभियान

मोढवाडिया ने कहा कि सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का सबसे बड़ा विस्तार इस साल हो रहा है, क्योंकि हम 15,000 सरकारी इमारतों पर इन्हें लगाने की योजना बना रहे हैं। इस प्रस्तावित विस्तार से लगभग 65 मेगावाट सोलर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है, जिससे राज्य के पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल और मजबूत होगा।

सरकार देगी 100% आर्थिक मदद

इस स्कीम के तहत, राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिसमें क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट के सालाना बजट आवंटन से 100 प्रतिशत कैपिटल-कॉस्ट सपोर्ट दिया जाता है।

खर्च और प्रदूषण में आएगी कमी

सरकार ने कहा कि इन सिस्टम के लगने से सरकारी दफ्तरों में पारंपरिक बिजली की खपत और बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है, साथ ही पारंपरिक बिजली उत्पादन से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रवीण माली ने कहा कि सोलर इंस्टॉलेशन से कई तरह के पर्यावरण और आर्थिक फायदे होने की उम्मीद है, जैसे पारंपरिक बिजली की खपत में कमी, सरकारी दफ्तरों के बिजली खर्च में कमी और पारंपरिक बिजली उत्पादन से होने वाले प्रदूषण में कमी।

तकनीक से होगी लाइव निगरानी

राज्य ने इस साल सरकारी इमारतों पर लगे रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉलेशन की दूर से निगरानी करने के लिए 'इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स' पर आधारित रिन्यूएबल एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया है। मोढवाडिया ने कहा कि इस सिस्टम का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट मीटर, सेंसर और एलओटी गेटवे को जोड़ता है जो जीपीआरएस, 4जी और ईथरनेट के जरिए कनेक्टेड हैं। यह ऑटोमेटेड रिमोट अलर्ट देता है और हर 15 मिनट में परफॉर्मेंस डेटा रिकॉर्ड करता है, जिससे रोजाना 96 रीडिंग मिलती हैं। यह इंटरफेस अभी बड़ी क्षमता की निगरानी करता है, जिसमें 142.5 मेगावाट सोलर और 68.3 मेगावाट विंड पावर जनरेशन शामिल है। सरकार ने कहा कि इस मॉनिटरिंग सिस्टम का मकसद रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉलेशन से रेगुलर परफॉर्मेंस डेटा देना और ऑपरेशन से जुड़ी दिक्कतों के लिए रिमोट अलर्ट की सुविधा देना है।

रिन्यूएबल एनर्जी में देश में नंबर-1 गुजरात

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 47,178 मेगावाट है और इसने राजस्थान को पीछे छोड़कर रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनने का मुकाम हासिल किया है। राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में सोलर और विंड पावर का बड़ा हिस्सा है।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User