जी20 बैठक: एशविल में जुटे दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधि, वैश्विक विकास और ऋण संकट पर मंथन

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित एशविल में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की अहम बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में सुस्त वैश्विक आर्थिक वृद्धि, विकासशील देशों पर बढ़ता कर्ज का बोझ, वैश्विक आर्थिक असंतुलन और वित्तीय नवाचार जैसे गंभीर आर्थिक मुद्दों पर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं साझा रणनीति तैयार कर रही हैं।

Aug 31, 2026 - 11:50
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जी20 बैठक: एशविल में जुटे दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधि, वैश्विक विकास और ऋण संकट पर मंथन

एशविल। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक गवर्नर और कारोबारी जगत के वरिष्ठ अधिकारी अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के एशविल शहर में दो दिवसीय जी20 बैठक के लिए एकत्र हुए हैं। इस बैठक में आर्थिक विकास, वैश्विक आर्थिक असंतुलन, सरकारी कर्ज और मजबूत सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श एक साथ एशविल पहुंचे। स्कॉट बेसेंट, अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के तहत सोमवार और मंगलवार को होने वाली वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक की मेजबानी करेंगे।

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को पड़ोसी राज्य साउथ कैरोलिना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं, जहां अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया।

सीतारमण अगले दो दिनों तक होने वाली बैठक और उससे जुड़ी चर्चाओं में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस मंत्रीस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य जी20 को 'मूल मुद्दों पर वापस लाना' है, जिसमें मजबूत और संतुलित आर्थिक विकास को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा।

अमेरिका के अनुसार, लंबे समय तक टिकाऊ आर्थिक समृद्धि के लिए पर्याप्त संसाधन, मजबूत सप्लाई चेन, बाजार आधारित नवाचार, निजी निवेश और ऐसे नियम जरूरी हैं जो कंपनियों को विस्तार करने और रोजगार पैदा करने में मदद करें।

अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक विकास लोकतांत्रिक देशों की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इससे देशों को रक्षा खर्च वहन करने और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का मुकाबला करने में सहायता मिलती है।

अमेरिका ने एशविल को बैठक के लिए इसलिए भी चुना क्योंकि यह शहर हैरिकेन हेलेन से हुई भारी तबाही के बाद तेजी से उभरा है। अधिकारियों ने एशविल को एक ऐसे शहर के रूप में बताया जो मुश्किल हालात से उबरकर फिर खड़ा हुआ है, और यही मजबूती वे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी देखना चाहते हैं।

इस बैठक को कवर करने के लिए अमेरिका और अन्य देशों से करीब 300 पत्रकार पहुंचे हैं।

एशविल बैठक में पहली बार बड़े पैमाने पर कारोबारी नेताओं और नीति निर्माताओं को एक साथ लाया गया है, ताकि निवेश और आर्थिक विस्तार में आने वाली वास्तविक बाधाओं की पहचान की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब जी20 के फाइनेंस ट्रैक में निजी क्षेत्र के नेताओं को इतनी सीधी भूमिका दी गई है।

करीब 20 कारोबारी प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। इनमें बड़े और सामुदायिक बैंकों, दवा कंपनियों, मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

बताया गया है कि जेपी मॉर्गन चेस, गोल्डमैन सैक्स, 3एम, एली लिली, डियर एंड कंपनी और मेडट्रॉनिक जैसी कंपनियों के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

सरकारी कर्ज (सॉवरेन डेट) का मुद्दा भी बैठक का एक प्रमुख विषय रहेगा। अमेरिका चाहता है कि कर्ज पुनर्गठन की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और अनुमानित हो, ताकि कर्ज लेने वाले देशों और कर्जदाताओं दोनों को फायदा हो।

इस विषय पर पेरिस क्लब, जी20 कॉमन फ्रेमवर्क और ग्लोबल सॉवरेन डेट राउंडटेबल के तहत सहयोग पर चर्चा होगी।

वैश्विक आर्थिक असंतुलन और ऐसी नीतियां जो बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती हैं, बैठक के सबसे जटिल मुद्दों में शामिल हो सकती हैं। अमेरिका ने विशेष रूप से औद्योगिक सब्सिडी, अधिक उत्पादन क्षमता और निर्यात-आधारित आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई है, खासकर उन नीतियों को लेकर जो चीन से जुड़ी मानी जाती हैं।

अमेरिकी कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता, परिवारों की आर्थिक संपन्नता बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

सार्वजनिक रूप से पुष्टि किए गए प्रमुख प्रतिभागियों में सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान, जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा और बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा शामिल हैं।

बैठक में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका सहित जी20 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

इसके अलावा यूरोपीय संघ, अफ्रीकी संघ, कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहेंगे। हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बैठक शुरू होने से पहले प्रतिभागियों की पूरी नामावली जारी नहीं की थी।

रूस को भी बैठक का निमंत्रण दिया गया है और उसके भाग लेने की संभावना है।

इनपुट : आईएएनएस

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