दिशा सालियान के पिता 19 सितंबर को जाएंगे 'मातोश्री'; आदित्य ठाकरे को खुद सौंपेंगे ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस
सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में 6 साल बाद राजनीतिक और कानूनी घमासान चरम पर पहुंच गया है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शनिवार, 19 सितंबर को शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे के बांद्रा स्थित निजी आवास 'मातोश्री' जाकर व्यक्तिगत रूप से नया मानहानि नोटिस थमाने का ऐलान किया है। जानिए दिशा सालियान केस के ताजा घटनाक्रम, ₹500 करोड़ के नोटिस और राजनीतिक हलचल पर पूरी रिपोर्ट।
मुंबई: जून 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत और देश की कानूनी सुर्खियां बन गया है। इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया है जब दिशा के पिता सतीश सालियान ने ऐलान किया है कि वे शनिवार, 19 सितंबर को शाम 4 बजे शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे के बांद्रा स्थित आवास 'मातोश्री' (Matoshree) जाएंगे और उन्हें खुद मानहानि का नोटिस सौंपेंगे।
सतीश सालियान ने किसी भी प्रकार के गतिरोध या हंगामे की आशंका को देखते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त और स्थानीय पुलिस को पत्र लिखकर इस दौरे के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है।
₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस: क्या हैं पिता के आरोप?
सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को कानूनी नोटिस भेजकर ₹500 करोड़ के हर्जाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है:
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'बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बयानबाजी': नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और उनके प्रवक्ताओं ने यह कहकर एक पीड़ित पिता की साख पर हमला किया कि उन्हें विपक्षी दलों द्वारा एक "राजनीतिक हथियार" के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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न्याय की लड़ाई को राजनीति बताने का विरोध: पिता के वकील नीलेश ओझा के अनुसार, सतीश सालियान केवल अपनी बेटी की अप्राकृतिक मृत्यु की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसे राजनीतिक लाभ या किसी की साजिश बताना उनकी गरिमा और ईमानदारी को ठेस पहुंचाने वाला है।
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बिना शर्त माफी की मांग: नोटिस में मांग की गई है कि दोनों नेता राष्ट्रीय मीडिया और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कम से कम तीन मिनट का वीडियो जारी कर बिना शर्त माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ दीवानी व आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दर्ज की नई एफआईआर
दिशा सालियान की मौत को मुंबई पुलिस ने शुरुआत में एक दुर्घटनावश हुई मौत (Accidental Death Report - ADR) और बाद में आत्महत्या माना था। इसके छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।
सतीश सालियान द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले की नए सिरे से जांच करने और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया:
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गंभीर धाराओं में जांच: सीबीआई ने पिता के नए बयानों के आधार पर हत्या, दुष्कर्म की साजिश और साक्ष्य मिटाने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू की है।
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जांच के दायरे में प्रमुख नाम: एफआईआर और अदालती कार्यवाहियों में दर्ज बयानों के तहत आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती सहित तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच का उल्लेख है। हालांकि, हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक जांच एजेंसी को पुख्ता सबूत नहीं मिलते, किसी को सीधे आरोपी नहीं माना जाएगा।
आदित्य और उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया: 'यह सिर्फ चरित्र हनन की कोशिश'
आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है:
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सोशल मीडिया पर बयान: आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं कभी दिशा सालियान से नहीं मिला, न ही मेरी उनसे कोई जान-पहचान थी। बिना किसी सबूत के मेरा नाम घसीटना व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों से प्रेरित चरित्र हनन की सुनियोजित साजिश है। आधिकारिक जांच को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप और मीडिया ट्रायल के निष्पक्ष चलने दिया जाए।"
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उद्धव ठाकरे की चेतावनी: पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उनके परिवार का इस मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है और यदि झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश जारी रही, तो वे भी कानूनी कदम उठाएंगे।
19 सितंबर को मातोश्री पर होने वाली इस आमने-सामने की दस्तक और सीबीआई की सक्रियता ने महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी हलचल पैदा कर दी है।
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