5 सितंबर का इंडिया गेट मार्च रद्द; केंद्र सरकार द्वारा सभी मांगें स्वीकार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में बोले CJP के सौरव दास

नीट (NEET) परीक्षा गड़बड़ी और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गेट विरोध मार्च को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने मार्च वापस लेने की औपचारिक घोषणा की। जानिए सुप्रीम कोर्ट में हुई पूरी सुनवाई, केंद्र के आश्वासनों और सौरव दास के बयान की विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 01, 2026 - 17:17
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5 सितंबर का इंडिया गेट मार्च रद्द; केंद्र सरकार द्वारा सभी मांगें स्वीकार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में बोले CJP के सौरव दास
CJP Cancels September 5 March: Sourav Das In Supreme Court

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "आपके माध्यम से मैं यह बताना चाहता हूं कि हम 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक होने वाले अपने शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं।"

सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस को फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। हमने सरकार के साथ बातचीत में तर्क दिया कि अगर ये 2,800 कुख्यात अपराधी सच में वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह उठता है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे? दूसरी बात, अगर उन्होंने विरोध वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे दुष्कर्म, हत्या या कोई और संगीन अपराध, तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में पहचाने गए लगभग 2,800 कुख्यात अपराधियों की जांच के लिए एक अलग, नई एफआईआर दर्ज की जाए। वह मामला अब सुलझ गया है।"

उन्होंने मुआवजे के मुद्दे पर भी जानकारी दी। सौरव दास के अनुसार, "हमने सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने यह कहे कि सम्मानजनक राशि का मुआवजा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे परिवारों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया और कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी।"

सीजेपी प्रवक्ता ने 25 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए इसे युवाओं की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, "25 जुलाई देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। उस समय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। जैसा कि आप जानते हैं, एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि आशुतोष और मैंने, यानी हम दोनों प्रतिनिधियों ने उसी दिन वरिष्ठ मंत्री जेपी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।"

उन्होंने आगे बताया कि उनकी दो प्रमुख मांगें थीं। पहली, उन परिवारों को मुआवजा दिया जाए, जिनके बच्चों ने नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर ली थी। दूसरी मांग यह थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों, युवाओं और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं। सरकार ने दोनों मांगों पर सहमति जताई है।


इनपुट : आईएएनएस

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