केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का पुनर्गठन; प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और सुनील शेट्टी समेत 18 नए सदस्य शामिल
भारत सरकार ने 16 सितंबर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का पुनर्गठन करते हुए 18 नए सदस्यों के पैनल की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत गठित यह नया बोर्ड तत्काल प्रभाव से आगामी तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए सक्रिय रहेगा। जानिए नए सीबीएफसी बोर्ड के सदस्यों, भूमिका और आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को प्रमाणित करने वाली शीर्ष संस्था केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का पुनर्गठन किया है। 16 सितंबर को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत बोर्ड में 18 नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 (Cinematograph Act, 1952) के प्रावधानों के तहत गठित यह नई समिति तत्काल प्रभाव से आगामी तीन वर्षों के लिए कार्यभार संभालेगी।
सिनेमा और संगीत जगत के कई बड़े नाम शामिल
नवगठित 18 सदस्यीय बोर्ड में मनोरंजन, कला और संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है:
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प्रमुख अभिनेताओं की भागीदारी: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा, अनुभवी अभिनेता सुनील शेट्टी और अपनी सहज व गंभीर अदाकारी के लिए विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी को बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है।
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दिग्गज फिल्मकार और संगीतकार: भारतीय सिनेमा में अपनी विशिष्ट शैली और कॉमेडी क्लासिक्स के लिए पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक प्रियदर्शन तथा भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन करने वाले तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज को भी इस पैनल में शामिल किया गया है।
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सांस्कृतिक और सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य चेहरे: प्रसिद्ध अभिनेत्री पल्लवी जोशी और जाने-माने सूफी गायक व पूर्व सांसद हंसराज हंस समेत अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को भी 18 सदस्यीय बोर्ड में जगह मिली है।
शशि शेखर वेम्पति बने रहेंगे बोर्ड अध्यक्ष
बोर्ड के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखते हुए प्रसार भारती के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शशि शेखर वेम्पति को सीबीएफसी के अध्यक्ष (Chairperson) पद पर बरकरार रखा गया है। वे अपने पिछले कार्यकाल की तरह ही बोर्ड के कामकाज, नीतिगत दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक समन्वय का नेतृत्व करते रहेंगे।
कंटेंट रेगुलेशन के दौर में अहम जिम्मेदारी
यह पुनर्गठन ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय सिनेमा और डिजिटल स्पेस में सामग्री के नियमन (Content Regulation) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर व्यापक चर्चाएं चल रही हैं:
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सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) नियमों का क्रियान्वयन: हाल के वर्षों में लागू किए गए आयु-आधारित प्रमाणीकरण (UA 7+, UA 13+, UA 16+) और पायरेसी-रोधी कड़े प्रावधानों को सुचारू रूप से लागू करना नए बोर्ड की प्राथमिकता होगी।
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पारदर्शिता और आधुनिक दृष्टिकोण: उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और रिकी केज जैसे आधुनिक सोच वाले कलाकारों के जुड़ने से बोर्ड के फैसलों में रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच बेहतर संतुलन देखने को मिलेगा।
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सार्वजनिक प्रदर्शन का मूल्यांकन: बोर्ड देश भर में सिनेमाघरों और सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित होने वाली फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रीज और टीजर्स की समीक्षा कर उन्हें उचित प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य संभालेगा।
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