दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर बांग्लादेश उच्चायोग ने जताया गहरा दुख; घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से हुए दर्दनाक हादसे पर नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उच्चायोग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों और नागरिकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।जानिए सत्य निकेतन इमारत हादसे, बांग्लादेश उच्चायोग की प्रतिक्रिया और राहत-बचाव अभियान से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 07, 2026 - 12:41
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दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर बांग्लादेश उच्चायोग ने जताया गहरा दुख; घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना

नई दिल्ली। दक्षिण द‍िल्‍ली के सत्‍य न‍िकेतन में इमारत हादसे को लेकर भारत स्‍थित बांग्लादेश उच्चायोग ने दुख जताते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की। इस दुखद हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। कई अन्‍य लोगों के मलबे में फंसे होनी के आशंका अभी भी जताई जा रही है। फ‍िलहाल 11 लोगों को बचा ल‍िया गया है। 

उच्चायोग ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में दुखद घटना गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। उच्चायोग ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ''इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमारी प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं घायल लोगों के साथ हैं। साथ ही, उन लोगों के लिए भी हैं जिनके अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस कठिन समय में बांग्लादेश उच्चायोग इस दुखद दुर्घटना से प्रभावित और संकट का सामना कर रहे सभी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ एकजुटता से खड़ा है।''

सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान जारी रहा। सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें अभियान में जुटी हैं। मलबा उठाने का काम भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

बता दें कि यह हादसा रविवार दोपहर 1.30 बजे हुआ। उस समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि भारी बारिश भी इस घटना का कारण हो सकती है।

लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे बने थे।

वहीं, रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, "इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा।"


इनपुट : आईएएनएस

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