'हमें ब्रॉन्ज मेडल पर गर्व करना होगा'; सेमीफाइनल में हार के बाद बोले युवा स्टार शटलर आयुष शेट्टी, टीम के जज्बे को सराहा
एशियन गेम्स की पुरुष बैडमिंटन टीम स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल करने के बाद भारत के उभरते हुए युवा स्टार शटलर आयुष शेट्टी ने टीम के प्रदर्शन पर बड़ा बयान दिया है। कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बावजूद आयुष शेट्टी ने कहा कि पूरे दल को इस कांस्य पदक पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि एशियाई स्तर पर बैडमिंटन की प्रतिस्पर्धा दुनिया में सबसे कठिन मानी जाती है। जानिए आयुष शेट्टी के बयान, भारतीय बैडमिंटन टीम के अभियान और उनके प्रदर्शन पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
नागोया/हांगझोउ: एशियन गेम्स की बैडमिंटन पुरुष टीम स्पर्धा में पोडियम फिनिश हासिल करने के बाद भारतीय दल का हौसला बुलंद है। सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक (Bronze Medal) सुनिश्चित करने वाली भारतीय टीम के युवा सदस्य और उभरते हुए स्टार शटलर आयुष शेट्टी (Ayush Shetty) ने कहा कि टीम को अपनी इस उपलब्धि पर पूरी तरह गर्व होना चाहिए।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आयुष ने कहा कि एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा का स्तर इतना कड़ा होता है कि यहां जीता गया हर पदक अत्यधिक मेहनत और मानसिक मजबूती का प्रमाण है।
'हमने कोर्ट पर अपना सब कुछ झोंक दिया': आयुष शेट्टी
आयुष शेट्टी ने टीम के संघर्ष और पदक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
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पदक का वास्तविक मूल्य: आयुष ने कहा, "निश्चित रूप से हमारा लक्ष्य फाइनल में पहुंचना और गोल्ड के लिए खेलना था, लेकिन खेल में हर दिन आपका नहीं होता। इसके बावजूद हमें इस ब्रॉन्ज मेडल पर बहुत गर्व करना होगा। दुनिया की शीर्ष पांच-छह टीमें एशिया से ही आती हैं, ऐसे में पदक तालिका में जगह बनाना आसान नहीं होता।"
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सीनियर खिलाड़ियों का साथ: आयुष ने टीम के वरिष्ठ शटलर्स की सराहना करते हुए कहा कि उनके साथ ड्रेसिंग रूम और कोर्ट साझा करने से उन्हें दबाव भरे पलों में शांत रहकर खेलने की सीख मिली है।
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भविष्य के लिए बड़ा सबक: उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में हर अंक के लिए होने वाला संघर्ष एक युवा खिलाड़ी के रूप में उनके खेल को परिपक्व करने में बहुत मददगार साबित होगा।
जूनियर सर्किट से एशियन गेम्स के मंच तक का सफर
कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले आयुष शेट्टी भारतीय बैडमिंटन के सबसे प्रतिभाशाली युवा चेहरों में से एक हैं:
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विश्व जूनियर चैंपियनशिप में पदक: आयुष ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
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आक्रामक खेल शैली: कोर्ट पर अपनी लंबी कद-काठी, तीखे स्मैश और बेहतरीन कोर्ट कवरेज के दम पर वे सीनियर सर्किट में तेजी से अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
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टीम में अहम भूमिका: एशियन गेम्स के टीम मुकाबलों में तीसरे एकल (Third Singles) के रूप में आयुष ने अहम जिम्मेदारियां संभालीं और कड़े मौकों पर टीम के लिए अपनी उपयोगिता साबित की।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन का संकल्प
टीम स्पर्धा में कांस्य पदक पक्का करने के बाद आयुष शेट्टी ने स्पष्ट किया कि भारतीय खिलाड़ियों की भूख अभी शांत नहीं हुई है:
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व्यक्तिगत एकल पर ध्यान: आयुष और उनके साथी खिलाड़ी अब व्यक्तिगत स्पर्धाओं (Individual Events) के लिए कोर्ट पर उतरेंगे।
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सकारात्मक ऊर्जा: आयुष ने कहा कि टीम इवेंट में मिले पदक ने पूरे कैंप में सकारात्मक माहौल तैयार किया है, जिसका फायदा सभी भारतीय खिलाड़ियों को अपने-अपने ड्रॉ में मिलेगा।
भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) और खेल प्रेमियों ने युवा शटलर के सकारात्मक नजरिए की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगामी मुकाबलों में वे देश के लिए और भी यादगार प्रदर्शन करेंगे।
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