विश्व पर्यटन दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई दिग्गज नेताओं ने दी शुभकामनाएं
27 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) के अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्र व राज्यों के कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों और वैश्विक पर्यटकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में भारत की अतुल्य विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहरों को रेखांकित करते हुए कहा कि पर्यटन विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने, वैश्विक भाईचारे को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। जानिए विश्व पर्यटन दिवस पर रक्षा मंत्री और अन्य प्रमुख नेताओं के बधाई संदेशों पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
नई दिल्ली: प्रतिवर्ष 27 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) के अवसर पर देश भर के शीर्ष नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने देशवासियों एवं वैश्विक पर्यटकों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक विविधता और आतिथ्य सत्कार की सदियों पुरानी परंपरा को रेखांकित किया।
नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों के भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक प्रगति, आजीविका के अवसरों और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का एक सशक्त सेतु है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक संदेश में कहा:
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सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक: पर्यटन विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और जीवनशैलियों के बीच की दूरी को पाटने का सबसे सुंदर माध्यम है।
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अतुल्य भारत का आह्वान: भारत में बर्फ से ढके हिमालय से लेकर सुनहरे रेगिस्तान और दक्षिण के तटीय क्षेत्रों तक अद्वितीय प्राकृतिक व आध्यात्मिक विविधता मौजूद है। उन्होंने देश और दुनिया भर के पर्यटकों को भारत के समृद्ध इतिहास और परंपराओं का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
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सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन: रक्षा मंत्रालय और सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा सीमावर्ती इलाकों में बनाए गए उन्नत बुनियादी ढांचे के चलते अब लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड के दूरदराज के सीमांत गांवों में भी सीमा पर्यटन (Border Tourism) को अभूतपूर्व बढ़ावा मिल रहा है।
अन्य प्रमुख नेताओं ने भी दी शुभकामनाएं
रक्षा मंत्री के अलावा कई अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए:
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केंद्रीय पर्यटन मंत्री का आह्वान: पर्यटन मंत्रालय ने 'सतत पर्यटन' (Sustainable Tourism) और जिम्मेदार यात्रा पर जोर दिया, ताकि प्राकृतिक संतुलन को नुकसान पहुंचाए बिना स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाया जा सके।
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'देखो अपना देश' का संकल्प: नेताओं ने देशवासियों से विदेशी पर्यटन से पहले भारत के ही अनछुए और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करने का आग्रह किया, जिससे 'वोकल फॉर लोकल' और स्थानीय कारीगरों को सीधा संबल मिल सके।
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राज्यों के मुख्यमंत्रियों के संदेश: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा और पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के सांस्कृतिक महत्व, धार्मिक पर्यटन और इको-टूरिज्म के अवसरों को उजागर करते हुए पर्यटकों का स्वागत किया।
आर्थिक विकास और रोजगार का मुख्य आधार
नेताओं ने अपने संदेशों में पर्यटन को देश के आर्थिक विकास की प्रमुख रीढ़ बताया:
| पहलू | प्रभाव व योगदान |
| जीडीपी और रोजगार | होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं से करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार। |
| सांस्कृतिक कूटनीति | विदेशी पर्यटकों के आगमन से भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'अतिथि देवो भव:' की भावना का वैश्विक प्रसार। |
| ग्रामीण व ईको-टूरिज्म | होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण। |
नेताओं ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे ऐतिहासिक स्मारकों और प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त रहकर जिम्मेदार पर्यटक होने का परिचय दें।
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