अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक-ध्रुवीय सिस्टम बीते दिनों की बात: पुतिन 

Sep 13, 2026 - 13:11
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अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक-ध्रुवीय सिस्टम बीते दिनों की बात: पुतिन 
Vladimir Putin

नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 18वें ब्रिक्स  सम्मेलन में 'एक-ध्रुवीय व्यवस्था' को पुरानी बात करार दिया । उनके मुताबिक ये व्यवस्था छोटे समूह तक सीमित है और शक्ति संतुलन में व्यवधान पैदा करती है। 

शनिवार को  सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं। क्रेमलिन ने उनका बयान प्रकाशित किया। जिसमें उन्होंने मल्टी-पोलर दुनिया की जरूरत, ब्रिक्स की ताकत, संयुक्त राष्ट्र महासभा में ज्यादा से ज्यादा देशों के प्रतिनिधित्व को लेकर अपने विचार प्रमुखता से रखे।

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय संबंधों की एक-ध्रुवीय व्यवस्था, जो देशों के एक छोटे समूह के हितों को साधती थी, अब अतीत की बात होती जा रही है। शक्ति का संतुलन अब ग्लोबल साउथ और पूर्व के नए विकास केंद्रों के पक्ष में बदल रहा है। ज्यादा से ज्यादा देश अब खुलकर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और वैश्विक समस्याओं को सुलझाने में योगदान देने के लिए अपनी मुस्तैदी जाहिर कर रहे हैं।"

पुतिन के अनुसार, "मल्टी-पोलर दुनिया का बनना चुनौतियों से खाली नहीं है। इसका विरोध उन लोगों की ओर से होता है जिनकी सोच की जड़ें औपनिवेशिक मानसिकता में हैं। जो दुनिया को एक लहलहाते बाग और जंगल में बांटकर देखते हैं, और दूसरों की मेहनत पर जीने के आदी हैं। वे बदलते सच को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और सिर उठाते प्रतिद्वंदी को रोकने की हर संभव कोशिश करते हैं।"

वहीं, ब्रिक्स की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, ब्रिक्स कोई छोटा नहीं बल्कि बड़ा संगठन बन गया है। यहीं मैं कहना चाहूंगा कि हमारे पास विस्तृत, प्रचुर बौद्धिक और तकनीकी क्षमता है। मुझे लगता है यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उनके अनुसार, ब्रिक्स में साझेदारी हमेशा बराबरी, अच्छे पड़ोसी जैसे संबंध और एक-दूसरे के हितों का ध्यान रखने के सिद्धांतों पर बनी है। साथ ही इसमें एक-दूसरे की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विविधता, इतिहास, परंपराओं और मूल्यों का सम्मान भी शामिल है। इसलिए, यह स्वाभाविक है कि दुनिया भर में ब्रिक्स की विश्वसनीयता और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

पुतिन ने कहा कि इस संगठन ने वैश्विक शासन के एक अहम केंद्र के तौर पर अपनी सही जगह बनाई है, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और मानवीय सहयोग का भविष्य काफी हद तक हमारे सामूहिक फैसलों और कार्यों पर निर्भर करता है। जैसा कि जोर देकर कहा गया है, ब्रिक्स देश सभी अहम क्षेत्रों में अपना आपसी सहयोग और गहरा कर रहे हैं। इसमें राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त, साथ ही सांस्कृतिक और मानवीय क्षेत्र भी शामिल हैं।

पुतिन ने यूएनएससी को लेकर कहा, "हमारा मानना ​​है कि हमें अपने ब्रिक्स सहयोगियों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करते रहना चाहिए। विशेष रूप से, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देकर सुरक्षा परिषद का विस्तार करने से निश्चित रूप से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।"

संबोधन का समापन करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स सम्मेलन ने हमारे संगठन की उस बड़ी क्षमता को दिखाया है जिसके जरिए हम पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को और बढ़ा सकते हैं और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार कर सकते हैं। इससे सचमुच बहु-ध्रुवीय और ज्यादा न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने सभी भारतीय सहयोगियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने हमारे लिए इतना शानदार आयोजन किया।"

इनपुट : आईएएनएस

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