परिजनों को सौंपने से पहले शवों का होगा अनिवार्य DNA टेस्ट और पोस्टमॉर्टम; नेपाल सरकार ने जारी की विस्तृत गाइडलाइन

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी भूस्खलन की त्रासदी के बाद नेपाल सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपदा में जान गंवाने वाले नागरिकों के शवों की पहचान और उन्हें परिजनों को सौंपने के संबंध में सख्त दिशानिर्देश (SOP) जारी किए हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार, मलबे और नदियों से निकाले जा रहे किसी भी शव को बिना अनिवार्य डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग, विस्तृत पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक दस्तावेजीकरण के परिजनों या उनके देशों को नहीं सौंपा जाएगा। जानिए नेपाल आपदा में शवों की शिनाख्त, डीएनए नमूनों के मिलान और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रोटोकॉल की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 01, 2026 - 12:21
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परिजनों को सौंपने से पहले शवों का होगा अनिवार्य DNA टेस्ट और पोस्टमॉर्टम; नेपाल सरकार ने जारी की विस्तृत गाइडलाइन
Nepal Floods Tragedy

नई द‍िल्‍ली। नेपाल में आई व‍िनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों के पार्थिव अवशेषों को लेकर काठमांडू स्‍थित भारतीय दूतावास ने नया अपडेट जारी किया है। दूतावास ने बताया कि यह 29 अगस्त की प्रेस विज्ञप्ति का अगला अपडेट है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, विदेशी नागरिकों के शव सौंपने से पहले दस्तावेजीकरण, पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक जांच और पहचान सत्यापन समेत कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। 

दूतावास ने बताया क‍ि नेपाल सरकार के अनुसार, विदेशी नागरिकों के पार्थिव अवशेष उनके परिजनों या संबंधित अधिकारियों को सौंपने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इस प्रक्रिया में पार्थिव अवशेषों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करना, शव की रिकॉर्ड की गई तस्वीरें/विवरण, पोस्टमॉर्टम जांच, मौत का कारण सत्यापित करना, औपचारिक रूप से पहचान स्थापित करना, फिंगरप्रिंट/डीएनए/फोरेंसिक सैंपल इकट्ठा करना, मृतक का पासपोर्ट/आईडी सत्यापित करना, दूतावास/काउंसलर समन्वय पूरा करना और पार्थिव अवशेष सौंपने से जुड़े दस्तावेज और रसीद की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें संबंधित पक्ष को सौंप दिया जाएगा।

इसके आलावा यदि रिश्तेदार और परिवार के सदस्य नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर मृतक की तस्वीरों और विवरण के माध्यम से शव की पहचान कर पाते हैं, तो काठमांडू में भारतीय दूतावास शव को सौंपने और वापस भेजने से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में सहायता करेगा। स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने बड़ी संख्या में शवों को अस्थायी रूप से दफनाया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए करीबी रिश्तेदारों (फर्स्ट-डिग्री रिलेटिव्स) के साथ डीएनए मिलान की आवश्यकता होगी।

अध‍िकार‍ियों ने बताया क‍ि जिन मामलों में पहचान संभव नहीं है या शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, वहां नेपाल सरकार डीएनए मिलान की सुविधा प्रदान करेगी। नेपाल में अधिकारी डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए शवों से डीएनए सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। मिलान करने के लिए मृतक के करीबी रिश्तेदार ईमेल के माध्यम से प्रोफाइल भेज सकते हैं या नेपाली अधिकारियों की ओर से मांगी गई कुछ प्रारंभिक जानकारी के साथ ब्लड सैंपल दे सकते हैं।

भारतीय दूतावास की ओर से सहायता के लिए करीबी रिश्तेदारों के डीएनए प्रोफाइल की कॉपी 'ईओआई काठमांडू फ्लड सपोर्ट ऐट जीमेल डॉट कॉम' पर भी भेजी जा सकती है। डीएनए प्रोफाइलिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी नेपाल पुलिस की वेबसाइट 'डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट नेपाल पुलिस डॉट जीओवी डॉट एनपी' और उनके हेल्पलाइन नंबर 9779841616095 पर देखी जा सकती है।

इसके अलावा किसी भी और मदद या जानकारी के लिए, काठमांडू में भारतीय दूतावास की इन 9779851316807, 9779709107500, 9779810326117 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।


इनपुट : आईएएनएस

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